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महिला आरक्षण बिल: अल्का लांबा ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, भाजपा प्रदेश प्रभारी ने भी की प्रेस वार्ता

Tue, 21 Apr 2026 06:48 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अल्का लांबा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे तुरंत लागू करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।
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महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर भाजपा ने जहां विपक्ष को इसका दोषी ठहराया है, वहीं कांग्रेस की महिला ब्रिगेड सक्रियता से पार्टी को निर्दोष साबित करने में जुटी हुई है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अल्का लांबा ने जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा की केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग की। 

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उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सरकार ने करीब 30 महीने की देरी की जो महिलाओं के प्रति उसकी नीयत पर सवाल खड़े करता है।

लांबा ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में बुलाया गया संसद का विशेष सत्र महिला आरक्षण पर चर्चा के बजाय परिसीमन विधेयक लाने के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने और विधेयक का मसौदा साझा करने की मांग की थी लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें जोड़ना महिलाओं को उनका अधिकार देने में देरी करने की रणनीति है। कांग्रेस की मांग है कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों में से लगभग 180 सीटों पर तुरंत महिलाओं को आरक्षण दिया जाए, ताकि उन्हें सीधे प्रतिनिधित्व मिल सके।

लांबा ने जातिगत जनगणना को सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि इसे 2026-27 तक पूरा कर लिया जाना चाहिए और उसी आधार पर आगे की नीतियां तय हों। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह मनमाने तरीके से परिसीमन कर राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है, जिससे कई राज्यों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायती राज और नगरीय निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था, जिसका सकारात्मक प्रभाव आज भी दिखाई देता है।

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साथ ही लांबा ने चेतावनी दी कि यदि महिला आरक्षण कानून को बिना शर्त लागू नहीं किया गया, तो महिला कांग्रेस देशभर में आंदोलन तेज करेगी और आगामी संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने भी की प्रेस वार्ता
इधर भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रचते हुए महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम को पारित होने से रोकने का प्रयास किया।

अग्रवाल ने कहा कि भाजपा महिलाओं के आरक्षण को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सैद्धांतिक विषय मानती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा जल्द ही महिला आरक्षण को व्यवहारिक रूप से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
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विपक्ष पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में मजबूरी में विधेयक का समर्थन करने वाले दल अब विभिन्न बहानों से इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लगता है कि जनता इस मुद्दे को भूल जाएगी, लेकिन देश की महिलाएं जागरूक हैं और समय आने पर उचित जवाब देंगी।

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को महिला सशक्तिकरण की जीवंत प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना भाजपा की प्राथमिकता है और पार्टी इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

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