फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RE -NEET EXAM: री नीट परीक्षा में मोबाइल के साथ पकड़ी गई छात्रा को जेल भेजा

Mon, 22 Jun 2026 05:50 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/ करौली

सार

जयपुर में NEET-UG 2026 री-एग्जाम के दौरान मोबाइल से कथित नकल करते पकड़ी गई छात्रा को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

विज्ञापन
री-नीट परीक्षा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

NEET-UG 2026 री-एग्जाम में मोबाइल फोन के जरिए नकल करने की कोशिश करने के आरोप में पकड़ी गई छात्रा को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पेशी के बाद छात्रा चेहरा छुपाते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकली।

पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुटी है। छात्रा के पास से बरामद मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल का उपयोग केवल प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए किया गया था या परीक्षा से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने की भी कोशिश की गई थी।

प्रारंभिक पूछताछ में छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह परीक्षा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सवालों के जवाब तलाशने के लिए मोबाइल लेकर गई थी। हालांकि जांच एजेंसियां इस दावे की भी पड़ताल कर रही हैं।

मामला रविवार को जयपुर के बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र का है, जहां परीक्षा के दौरान छात्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों ने उसकी जांच की। तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार छात्रा ने मोबाइल को अंडरगारमेंट्स में शर्ट के बटन के नीचे छिपाकर रखा था। आरोपी छात्रा की पहचान प्रेम नगर, गुर्जर की थड़ी निवासी 22 वर्षीय हिमांशी तिवाड़ी के रूप में हुई है।

विज्ञापन


यह भी पढें- प्रसूताओं की मौत: स्वास्थ्य मंत्री का नया बयान, बोले- 'दर्द नहीं चाहती युवा पीढ़ी, इसलिए बढ़ रहे सिजेरियन'

जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले छात्रा के मोबाइल में NEET प्रश्नपत्र की तस्वीरें मौजूद थीं। हालांकि परीक्षा केंद्र के आसपास लगे जैमर सक्रिय होने के कारण वह तस्वीरें या अन्य जानकारी बाहर नहीं भेज सकी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान दो बार मेटल डिटेक्टर से अलर्ट मिला था। इस पर छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि अंडरगारमेंट्स में लगे हुक के कारण अलर्ट आ रहा है। इसके बाद उसे केंद्र में प्रवेश दे दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के अलावा परीक्षा केंद्र अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेटल डिटेक्टर जांच के बावजूद मोबाइल परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा।

यदि जांच में परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो संबंधित कानून के तहत छात्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें