बोरवेल हादसों को लेकर प्रशासन सतर्क
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खुले बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कोटपूतली के किरतपुरा की घटना से जयपुर जिला प्रशासन ने सबक लिया है। जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी के निर्देश पर दो दिन में 746 खुले बोरवेल और कुएं बंद करवाए गए हैं। शनिवार को 328 और रविवार को 418 खुले बोरवेल एवं कुएं ढकवाए गए हैं।
दौसा में भी अभियान चला
कोटपूतली से पहले दौसा में भी बोरवेल में बच्चा गिर गया था। रेस्क्यू में 5 दिन का समय लग गया। बच्चा बोरवेल से निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद प्रशासन ने दौसा में भी बोरवल ढकने का काम शुरू कर दिया।
दौसा कलेक्टर ने बताया कि खुले पड़े बोरवेल, कुएं और पौंड को बंद करने के अभियान के तहत अब तक जिले भर में कुल 27 से ज्यादा बोरवेल और कुएं पूरी तरह से ढंक दिए गए हैं। जिले के अधिकारियों को खुले पड़े बोरवेल और कुएं की जानकारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में खुले पड़े बोरवेल, कुएं और पौंड को बंद करने का अभियान आगे भी चलता रहेगा।