जयपुर के रामगंज बाजार क्षेत्र में रहने वाली 85 वर्षीय वृद्ध महिला के लिए उस समय दुख और बेबसी की घड़ी आ गई, जब उनके 56 वर्षीय बेटे का निधन हो गया। आर्थिक तंगी के कारण उनके पास अंतिम संस्कार कराने तक के लिए पैसे नहीं थे और परिवार में कोई निकट संबंधी भी मौजूद नहीं था। ऐसे कठिन समय में नगर निगम जयपुर के किशनपोल जोन ने आगे बढ़कर न केवल अंतिम संस्कार की व्यवस्था की, बल्कि वृद्धा के भोजन की भी चिंता की।
सम्मानपूर्वक कराया बेटे का अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह एक नागरिक ने नगर निगम को सूचना दी कि रामगंज बाजार स्थित एक मकान में 56 वर्षीय व्यक्ति का निधन हो गया है। सूचना मिलते ही किशनपोल जोन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि मृतक की देखभाल करने वाली उसकी 85 वर्षीय मां आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल आवश्यक पुलिस प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद निगम की गैराज शाखा से वाहन उपलब्ध कराकर पार्थिव शरीर को आदर्श नगर श्मशान घाट पहुंचाया गया, जहां पूरे हिंदू रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया।
दैनिक आवश्यकताओं के लिए परेशान न होना पड़े
किशनपोल जोन के उपायुक्त पवन मीणा ने बताया कि नगर निगम का दायित्व केवल नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना भी है। इसी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत निगम ने अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था अपने स्तर पर कराई। नगर निगम ने वृद्धा की आगे की जरूरतों का भी ध्यान रखा। उन्हें तत्काल राहत देने के लिए आगामी दिनों के भोजन हेतु राशन उपलब्ध कराया गया, ताकि उन्हें दैनिक आवश्यकताओं के लिए परेशान न होना पड़े।
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नगर निगम जयपुर का कहना है कि मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक सरोकार उसकी कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भविष्य में भी जरूरतमंद और असहाय परिवारों को संकट की घड़ी में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।