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रामप्रसाद सुसाइड केस: पायलट बोले- कोर्ट में डाइंग डिक्लेरेशन सच माना जाता है, फिर क्यों हो रही जांच में देरी?

Thu, 20 Apr 2023 07:35 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर के चांदी की टकसाल इलाके में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाले रामप्रसाद मीणा के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी गुरुवार को धरना स्थल पर पहुंचे। सचिन पायलट ने पूरे प्रकरण की ईमानदारी और निष्पक्षता से जांच करने की मांग राज्य सरकार से की है।
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मृतक मीणा के परिजनों से मिले सचिन पायलट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सचिन पायलट ने चांदी की टकसाल पहुंचकर मृतक रामप्रसाद मीणा के परिजनों मिलकर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान मौके पर मौजूद बीजेपी सांसद डॉ किरोडी लाल मीणा से भी उनकी बातचीत हुई। साथ ही मृतक के बेटे अंकित मीणा और परिजनों से भी पायलट ने पूरा घटनाक्रम पूछा और जानकारियां जुटाईं।

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सचिन पायलट ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जब किसी की मृत्यु होती है, तो दुःख सभी को होता है। आदिवासी समुदाय के व्यक्ति ने आत्महत्या की, यह हम सभी के लिए बड़े दुःख की बात है। हम मृतक के परिजनों से मिले हैं।  हम यहां दुःख बांटने आए हैं, इस पूरी घटना की जांच होनी चाहिए। सचिन पायलट ने कहा- मुझे समझ में नहीं आ रहा, इसमें देरी  क्यों हो रही है। इसमें तो तुरंत प्रभाव से जांच होनी चाहिए।

मृतक के परिवार वाले कह रहे हैं कि उन्हें आशंका है वह गरीब परिवार से हैं और कहीं दबाव पड़ रहा होगा। तो सबूत सामने आ रहे हैं और जो गवाह हैं, उनके बयान रिकॉर्ड करके कार्रवाई होनी चाहिए। अगर कार्रवाई होती हुई दिखेगी, तो इन लोगों के मन में कुछ भरोसा जागेगा कि हमें न्याय मिलेगा। किसी पर आरोप लगाना आसान है, मैं किसी के पक्ष विपक्ष में नहीं बोल रहा हूं। लेकिन जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसके परिजन जो डिमांड कर रहे हैं, उसे पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है।
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कोर्ट में डाईंग डिक्लेरेशन ही सत्य माना जाता है 
पायलट बोले- कोर्ट में डाईंग डिक्लेरेशन (मरते वक्त घोषणा) ही सत्य माना जाता है, मैं जानता हूं। लेकिन इस मामले में इंक्वायरी के बाद ही सच सामने आएगा। किसी व्यक्ति (कैबिनेट मंत्री महेश जोशी) को इस्तीफा देना है, नहीं देना है, उसको रखना है या नहीं रखना है, यह उस पर और मुख्यमंत्री पर डिपेंड करता है। मैं इसमें कुछ कहना नहीं चाहता हूं। क्योंकि हर व्यक्ति के नैतिकता के अलग पैमाने होते हैं। लेकिन परिवार को न्याय मिले यह मैं चाहता हूं।

महेश जोशी पर आरोप है, जो कैबिनेट मंत्री के पद पर हैं। क्या उन्हें इस्तीफा देना चाहिए? इस सवाल पर पायलट बोले-हर व्यक्ति की जिम्मेदारी और नैतिकता होती है । मैं इसमें बोलने वाला कौन होता हूँ ?  पायलट ने कहा-पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए, किसी प्रकार का दबाव ना हो, न्याय होता दिखे मैं तो यही चाहता हूं। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। इस प्रकरण की पूरी ईमानदारी से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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