सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत राजेंद्र प्रताप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। मृतक के पिता एवं भरतपुर के पूर्व सांसद रतन सिंह ने अपनी पुत्रवधू नीतू सिंह, पोते सौरव और ससुराल पक्ष के सदस्यों समेत पांच लोगों पर अपने बेटे को जहर देकर मारने का गंभीर आरोप लगाया है। मालवीय नगर निवासी पूर्व सांसद ने जयपुर के जवाहर सर्किल थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
पूर्व सांसद ने अपनी शिकायत में कहा है कि अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी पाने और करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से उनके बेटे की हत्या की साजिश रची गई। सूचना मिलने पर जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है। पुलिस की टीम ने साक्ष्य एकत्र करने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को मौके पर बुलाया।
संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह
प्राथमिकी के अनुसार, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रताप सिंह और नीतू सिंह का विवाह 11 मई, 2005 को हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के मध्य वैवाहिक मतभेद आरंभ हो गए थे। विवाद बढ़ने पर राजेंद्र प्रताप सिंह ने पारिवारिक न्यायालय में पत्नी से तलाक लेने के लिए केस दायर कर दिया था। दोनों के बीच तनाव इतना अधिक था कि नीतू सिंह और उनका बेटा पिछले करीब पांच-छह साल से अलग रह रहे थे।
इसी साल मई, 2026 में दोनों पक्षों के मध्य आपसी सहमति बनी और नीतू सिंह अपने बेटे सौरव के साथ मालवीय नगर स्थित घर में वापस रहने आईं। पूर्व सांसद का आरोप है कि साथ रहने के बाद शांति बनने के बजाय मकान, संपत्ति और पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया। उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को लेन-देन को लेकर भारी झगड़ा हुआ और राजेंद्र को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद 4 और 5 सितंबर को घर के सीसीटीवी कैमरे बंद या क्षतिग्रस्त कर दिए गए। बेटे के होंठ नीले पड़े होने से जहर दिए जाने का संदेह है।
पुलिस तफ्तीश और फोरेंसिक जांच
जवाहर सर्किल थानाधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से तफ्तीश कर रही है। पुलिस टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं और सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को जब्त कर लिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर विसरा नमूने एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं।
थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम के बाद एफएसएल तथा पैथोलॉजी विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस प्राथमिकी के आधार पर परिजनों, पड़ोसियों तथा ससुराल पक्ष से पूछताछ कर रही है।
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पंद्रहवीं लोकसभा में रहे सांसद
मामले में शिकायतकर्ता रतन सिंह राजस्थान की राजनीति में बड़ा चेहरा हैं। एक फरवरी 1947 को भरतपुर के नगर में जन्मे रतन सिंह जाटव के पिता का नाम हेतराम और पत्नी का नाम प्रेमलता है। उन्होंने वर्ष 1970 में जोधपुर विश्वविद्यालय से बी.ई. मैकेनिकल की डिग्री प्राप्त की थी। वे लंबे समय से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े रहे हैं।
रतन सिंह ने वर्ष 2009 में भरतपुर अनुसूचित जाति आरक्षित सीट से जीत हासिल की और 2009 से 2014 तक पंद्रहवीं लोकसभा के सांसद रहे। संसद में उनकी उपस्थिति 97 प्रतिशत रही। उन्होंने 280 से अधिक सवाल पूछे और 65 बहसों में हिस्सा लिया। इसके अलावा वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।