जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम स्पेशल टीम (सीएसटी) में तैनात हेड कांस्टेबल रोहिताश को आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हथियारों के अवैध लेन-देन में संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। इस प्रकरण में हेड कांस्टेबल के साथ तीन अन्य आरोपियों फुरकान, अभिषेक और मनीष को भी गिरफ्तार किया गया है।
हथियारों के अवैध लेन-देन में भूमिका
शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले की जांच के दौरान हेड कांस्टेबल रोहिताश की भूमिका संदिग्ध सामने आई थी। मंगलवार को वकीलों ने शास्त्री नगर थाने का घेराव भी किया था। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने तथ्यों को छिपाने, जांच प्रभावित करने और संदिग्ध लोगों से अनुचित संबंध रखने के मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महकमे में ऐसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो साल से आरोपियों के संपर्क में था पुलिसकर्मी
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) करण शर्मा के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी अभिषेक, मनीष मीणा और मृदुल सोनी से हेड कांस्टेबल रोहिताश की पिछले दो साल से जान-पहचान थी। पूछताछ में पता चला कि आरोपी अभिषेक के पास पिछले चार-पांच साल से एक पिस्टल और दो कारतूस मौजूद थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हेड कांस्टेबल रोहिताश लगभग एक महीने पहले अभिषेक से एक पिस्टल अपने पास ले गया था। इसके बाद करीब आठ-दस दिन पहले उसने मनीष से भी दूसरी पिस्टल लेकर अपने पास रख ली थी।
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आपसी विवाद के बाद शुरू हुई मामले की जांच
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि करीब सात-आठ दिन पहले अभिषेक, मनीष और हेड कांस्टेबल रोहिताश के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इस आपसी विवाद के बाद रोहिताश ने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई करवाई। पुलिस अब सूचना देने के कारणों और हथियारों के लेन-देन से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। मामले में आरोपी फरहान की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जो पिस्टल लेकर आया था।
वहीं, मृदुल सोनी की भूमिका प्रथम दृष्टया स्पष्ट नहीं हुई है और उसके फंसाए जाने की आशंका से जुड़े बिंदुओं की भी जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर पुलिस प्रशासन रोहिताश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी करेगा।