जयपुर पुलिस ने पेट्रोल-डीजल लूटने वाले गिरोह के दो बदमाशों को सीकर से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह वाहनों पर चोरी की नंबर प्लेट लगाकर ईंधन भरवाता और बिना भुगतान किए वाहन भगा ले जाता था।
पुलिस उपायुक्त (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस टीम ने बालाजी धाम, कनकपुरा करधनी निवासी 19 वर्षीय अंकित वर्मा और गणपति नगर रेलवे कॉलोनी सदर निवासी 28 वर्षीय विशाल मेहरा को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल उनका तीसरा साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
सीकर के लक्ष्मणगढ़ से गिरफ्तारी
पुलिस ने वारदात स्थल और आसपास के क्षेत्रों से सीसीटीवी फुटेज खंगालकर संदिग्धों का रूट चार्ट तैयार किया। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाश सीकर क्षेत्र में घूम रहे हैं।
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर लक्ष्मणगढ़ के गोदरान इलाके में दबिश दी और दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। पुलिस दोनों आरोपियों को सीकर से जयपुर ले आई। पूछताछ में आरोपियों ने मौज-मस्ती के लिए जयपुर के 20 से अधिक इलाकों में पेट्रोल-डीजल लूट की वारदातें अंजाम देना स्वीकार किया है।
नंबर प्लेट चुराकर बदलते थे बदमाश
गिरोह के काम करने के तरीके की जांच में सामने आया कि बदमाश रात के समय जयपुर में घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों की नंबर प्लेट चुरा लेते थे। इसके बाद वे अलग-अलग वाहनों पर इन चुराई नंबर प्लेटों को लगाकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचते थे। वहां गाड़ियों का ईंधन टैंक फुल करवाने के बाद कर्मचारी को बिना भुगतान किए तेज रफ्तार में गाड़ी भगा ले जाते थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह ने एक गाड़ी के नंबर (RJ-14 CK 5455) का कई वारदात में इस्तेमाल किया था। यह नंबर कपित के नाम दर्ज है, जबकि यह नंबर प्लेट झोटवाड़ा पुलिस स्टेशन के पास एक वर्कशॉप में खड़ी वर्ष 2010 मॉडल की वर्ना कार से गायब मिली। इसके अलावा गिरोह ने एक अन्य नंबर प्लेट (25 BH 8796A) का भी इस्तेमाल किया, जिसकी चोरी की रिपोर्ट मालिक ने चित्रकूट थाने में दर्ज करा रखी थी।
पहली प्राथमिकी और पंप मालिकों में दहशत
शहर में पेट्रोल-डीजल लूटने वाले इस गिरोह के कारण पेट्रोल पंप मालिकों में दहशत का माहौल बना हुआ था। पंप मालिकों के अनुसार गिरोह शहर में एक दर्जन से अधिक लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका था। पीड़ितों की शिकायतों पर पुलिस अब तक केवल परिवाद ही दर्ज कर रही थी। बिंदायका थाना पुलिस ने 28 अक्तूबर को हुई घटना पर पहली प्राथमिकी दर्ज की।
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सिरसी रोड स्थित मामा फिलिंग स्टेशन के संचालक 34 वर्षीय राहुल शर्मा ने बिंदायका थाने में मामला दर्ज कराया। 28 अक्तूबर को सुबह 8:25 बजे एक वैगनआर कार पेट्रोल भरवाने आई। चालक के टैंक फुल कहने पर कर्मचारी मनोज कुमार ने 4,070 रुपये का पेट्रोल डाला। भुगतान के 4,070 रुपये मांगने पर चालक ने कार की गति बढ़ाकर गाड़ी भगा ली। कार रोकने के प्रयास में कर्मचारी मनोज कुमार के हाथ में चोट आई।