जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में होने वाले मतदान से पहले भाजपा के कई प्रतिष्ठित चेहरों की साख भी दांव पर लगी हुई है। पार्टी ने सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में पहचान रखने वाले चेहरों को चुनावी मैदान में उतारकर स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनाने का प्रयास किया है। इनमें वार्ड 98 से सुभाष सिंगी और वार्ड 112 से सुनील कोठारी शामिल हैं। इन उम्मीदवारों के चुनावी प्रदर्शन को पार्टी की रणनीति के साथ उनकी व्यक्तिगत स्वीकार्यता से जोड़कर देखा जा रहा है।
24 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में शुक्रवार को मतदान होगा। शहर के 24 लाख 33 हजार से अधिक मतदाता 723 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए 2256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। भाजपा और कांग्रेस के 149-149 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि 425 उम्मीदवार निर्दलीय अथवा अन्य दलों के चुनाव चिह्न पर मुकाबला कर रहे हैं। मतगणना 14 सितंबर को होगी। इसके बाद 21 सितंबर को महापौर और 22 सितंबर को उपमहापौर का चुनाव कराया जाएगा।
सुनील कोठारी ने बताया शहर के भविष्य का चुनाव
इन चुनावों के बीच वार्ड 112 से भाजपा प्रत्याशी सुनील कोठारी ने चुनाव को केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि जयपुर के भविष्य से जुड़ी जिम्मेदारी बताया है। उन्होंने कहा कि जयपुर अपने 300 वर्ष पूरे करने जा रहा है और यह शहर केवल एक शहर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहचान रखने वाली विरासत है। जयपुर का खानपान, गलियां, जंतर-मंतर, आभूषण, हवेलियां और संस्कार इसकी अलग पहचान बनाते हैं।
विरासत के साथ आधुनिक तकनीक पर जोर
कोठारी ने कहा कि नगर निगम की बड़ी जिम्मेदारी जयपुर की इस विरासत को सुरक्षित रखने की है। विरासत के संरक्षण के साथ नई तकनीक का संयोजन कर शहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर बनाना होगा। उन्होंने सभी वार्डों से चुने जाने वाले पार्षदों से अपील की कि वे सड़क, पानी, बिजली, नालियों, यातायात और आवारा पशुओं जैसी शहर की समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करें।
जीत के बाद दल से ऊपर जयपुर की बात
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद केवल भाजपा या कांग्रेस के नहीं रहेंगे। सभी 150 पार्षदों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने की दिशा में काम करना होगा।