दिवाली से ठीक पहले जयपुर नगर निगम की फायर विंग ने व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। निगम की टीम ने अग्निशमन सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां पाए जाने पर 120 भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस थमा दिए हैं। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि समयावधि के भीतर सुरक्षा इंतजामो को दुरुस्त नहीं किया गया और अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया, , तो सं, भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
दीपोत्सव से पहले सख्त हुआ निगम
त्योहार के दौरान जयपुर नगर निगम की फायर विंग ने विशेष जांच अभियान चला रखा है। निगम की अग्निशमन टीमों ने व्यापारिक स्थलों के साथ-साथ शहर के क्षेत्रों में भवनों की जांच की है। जांच प्रक्रिया के दौरान कई इमारतों में चालू हालत में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं मिले। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन निकास मार्गों में रुकावटें और सुरक्षा संबंधी बुनियादी नियमों का उल्लंघन पाया गया।
इन गंभीर खामियों को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने संबंधित 120 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भवन स्वामियों को खामियां दूर करने के लिए सात से 15 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में उन्हें अपने परिसरों में अग्निशमन प्रणाली को पूरी तरह कार्यशील बनाना होगा और नगर निगम की फायर विंग से औपचारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
पुरोहितजी का कटला हादसे से सबक
नगर निगम की यह कठोर कार्रवाई हाल ही में प्रसिद्ध व्यापारिक क्षेत्र पुरोहितजी का कटला में हुए भयंकर अग्निकांड के बाद शुरू हुई है। पुरोहितजी का कटला हादसे के दौरान बहुमंजिला इमारतों और संकरी गलियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताएं खुलकर सामने आई थीं। उस घटना से सबक लेते हुए नगर निगम की फायर विंग ने संपूर्ण जयपुर शहर में संवेदनशील तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की पहचान कर सघन जांच शुरू कर दी है।
विंग की उप आयुक्त दुर्गा कुमारी ने बताया कि पुरोहितजी का कटला में घटे हादसे के बाद वहां पाई गई गड़बड़ियों को दूर कराने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए निगम की टीमें लगातार विभिन्न इलाकों में निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी सुरक्षा नियमों की अवहेलना पाई जा रही है, वहां भवन मालिकों को तुरंत प्रभाव से व्यवस्थाएं सुधारने के स्पष्ट निर्देश दिए जा रहे हैं।
व्यावसायिक संस्थानों पर विशेष नजर
निगम का जांच अभियान केवल पारंपरिक बाजारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार तमाम व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक किया गया है। फायर विंग की टीमें इस समय शहर के प्रमुख होटलों, रेस्तरां, बार, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य व्यावसायिक परिसरों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता की जांच कर रही हैं। इन सभी स्थानों पर रोजाना हजारों की संख्या में नागरिकों की आवाजाही रहती है, इसलिए वहां सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य माना गया है।
जान-माल की रक्षा के लिए रहें पर्याप्त इंतजाम
निगम प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद रहें। दिवाली के अवसर पर बाजारों में ग्राहकों तथा आम जनता की भारी उपस्थिति रहती है, जिसे देखते हुए अग्निशमन प्रणालियों का पूरी तरह दुरुस्त होना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और जिन भवनों में कमियां पाई जाएंगी, उन्हें तुरंत प्रभाव से सील कर दिया जाएगा।