भारतीय सैनिकों के सिर काटने की घटना के बाद भारत-पाक सीमा पर चल रही कड़वाहट की आंच जयपुर साहित्य महोत्सव तक पहुंच गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने पाकिस्तानी साहित्यकारों को फेस्टिवल में शामिल न होने देने की चेतावनी दी है। कई तरह के संगठनों से मिल रही धमकियों के चलते आयोजकों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने का फैसला किया है।
मंगलवार को युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि बंसल और उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने पुलिस कमिश्नर एक ज्ञापन सौंपा। भाजयुमो ने पाकिस्तानी साहित्यकारों के विरोध में रैली भी निकाली। आयोजकों ने इस बार दुनिया भर से 268 साहित्यकारों को आमंत्रित किया है, जिसमें से सात पाकिस्तानी हैं।
पाक साहित्यकारों के दल में तीन महिला अमीना सैयद, फ हमीदा रियाज तथा शरमीन उबैद चिनॉय शामिल हैं। इनके साथ जमील अहमद, मोहम्मद हनीफ, एमए फारखी और नदीम असलम भी आएंगे। जमील अहमद और मोहम्मद हनीफ को डीएससी साउथ एशियन लिटरेचर प्राइज के लिए भी नॉमिनेट किया गया है। यह पुरस्कार फेस्टिवल के दौरान 25 जनवरी को दिया जाएगा।
टी-20 मैच से होगा कार्यक्रम का उद्घाटन
जयपुर साहित्य महोत्सव का उद्घाटन इस बार टी-20 क्रिकेट मैच से होगा, जो बुधवार को मानसरोवर स्थित स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों से टक्कर लेने के लिए साहित्यिक, राजनीतिक व हॉलीवुड-बॉलीवुड सहित अन्य क्षेत्रों से हस्तियां मैदान में उतरेंगी।