दुनिया भर के 268 साहित्यकारों के साथ जयपुर के दिग्गी पैलेस में एशिया का सबसे बड़ा साहित्यिक महाकुंभ 'जयपुर साहित्य सम्मेलन' गुरुवार से शुरु हो गया। राजस्थान की राज्यपाल माग्रेट अल्वा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
पिछली बार सलमान रश्दी की वजह से विवादों में आया सम्मेलन कट्टरपंथियों के निशाने पर है। मुस्लिम संगठन उन साहित्यकारों को बुलाने के खिलाफ हैं, जिन्होने पिछली बार रश्दी की किताब के अंश पढ़े थे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी पाकिस्तानी साहित्यकारों के शामिल होने का विरोध कर रही है। हालांकि आयोजकों ने आश्वस्त किया है कि विवादों का असर सम्मेलन पर नहीं पड़ेगा।
नियंत्रण रेखा पर चल रहे तनाव और दो भारतीय सैनिकों की बर्बर हत्या के बाद भाजपा ने पाकिस्तानी लेखकों के इस सम्मेलन में आने का विरोध किया है। इस बार सम्मेलन में सात पाकिस्तानी साहित्यकार शामिल हो रहे हैं। साहित्य सम्मेलन में ब्रिटेन, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका के साहित्यकार शामिल होंगे। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा भी सम्मेलन में पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि पिछले फेस्टिवल में मुस्लिम संगठनों ने सलमान रश्दी के आने का विरोध किया था। इसके जवाब में कुछ लेखकों ने रश्दी की विवादित किताब के अंश पढ़ डाले। इस बार मुस्लिम संगठनो ने पहले ही ऐसी किसी हरकत के खिलाफ चेतावनी दे दी है। विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कमर कस रखी है। पुलिस ने दिग्गी पैलेस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर आयोजन शांतिपूर्वक हो जाने का भरोसा जताया।