जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन का अंतिम सत्र राजनीति के अखाड़े में तब्दील हो गया। फ्रीडम ऑफ स्पीच पर बहस के दौरान मंच से एक्टर अनुपम खेर और आम आदमी पार्टी नेता कपिल मिश्रा ने अपने उदाहरणों में गाली का इस्तेमाल किया।
वहीं पत्रकार मधु त्रेहान ने प्रतिबंधित जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया। प्रतिक्रिया के तहत जेडीयू नेता पवन वर्मा ने दोनों पर मामले दर्ज करने की बात कही।
जेएलएफ में वाद-विवाद के तौर पर रखा गया सेशन इज फ्रीडम ऑफ स्पीच में वक्ताओं ने अपने शब्दों पर नियंत्रण खो दिया। उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिन्हें ऐसे सार्वजनिक मंचों से नहीं बोला जा सकता।
खचाखच भरे फ्रंट लॉन में जब कपिल मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छींटाकशी की तो लोगों ने हाथ उठाकर मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर दिया। इन्हें मंच से अनुपम खेर ने और उकसाया। हालांकि मधु त्रेहान ने इस पर आपत्ति जताई तो खेर ने कहा कि लोगों ने नारे लगाए थे, मैंने तो सिर्फ उन्हें सराहा।