शहर में देर रात तक चलने वाले नाइट क्लब, बार और होटल-रेस्टोरेंट अब रात 10 बजे के बाद लाउड स्पीकर/डीजे नहीं चला सकेंगे। वहीं रात 12 बजे के बाद शराब की बिक्री भी बंद करनी होगी। जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने इन प्रतिष्ठानों के लिए निषेधाज्ञा जारी कर नई समय पाबंदियां लागू की हैं।
किन प्रतिष्ठानों पर लागू होगा आदेश
पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में संचालित होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, नाइट क्लब, बार, पब, डिस्कोथेक, मॉल, लॉजिंग हाउस, बोर्डिंग, ईटिंग हाउस और फार्म हाउस इसके दायरे में होंगे। आदेश में खास तौर पर उन प्रतिष्ठानों का उल्लेख है, जहां शराब या हुक्के का कारोबार किया जा रहा है।
रात 10 बजे बाद नहीं बजेंगे ध्वनि विस्तारक यंत्र
आदेश के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठान रात 10 बजे के बाद अपने परिसर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। पुलिस ने देर रात तेज आवाज में डीजे और बैंड बजने से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को भी आदेश का एक कारण बताया है।
इसके अलावा प्रतिष्ठानों में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। रात 12 बजे के बाद शराब की बिक्री से जुड़ी गतिविधियां भी बंद करनी होंगी।
पुलिस ने देर रात पार्टियों और नशे को बताया वजह
आदेश में कहा गया है कि देर रात होने वाली पार्टियों का चलन बढ़ रहा है। पुलिस के अनुसार इन आयोजनों में युवाओं और शहर में पढ़ने आए छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी बढ़ी है। नशे की हालत में कुछ लोगों के आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी मिलने का भी आदेश में उल्लेख है।
पुलिस का कहना है कि देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। आदेश में यह भी कहा गया है कि शराब, बीयर, वाइन और भोजन परोसने वाले प्रतिष्ठानों में समय संबंधी पाबंदियों और लाइसेंस व्यवस्था में एकरूपता नहीं होने से कानून-व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतें पैदा होती हैं।
कर्नाटक और दिल्ली की व्यवस्था का हवाला
पुलिस आयुक्तालय के आदेश में कर्नाटक और दिल्ली की व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है। आदेश के मुताबिक इन राज्यों में ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालन और लाइसेंसिंग को लेकर नियम तय किए गए हैं। राजस्थान में ऐसी गतिविधियों के संचालन के लिए स्पष्ट अधिनियम, नियम या विनियम नहीं होने की बात भी आदेश में कही गई है।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा संबंधित कंपनी या संस्था के संचालन-प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों और प्रतिष्ठानों तक इसकी सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतियां पुलिस मुख्यालय और प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।