भारतीय वायुसेना के 148 विमान सात मार्च को जैसलमेर के पोखरण रेंज में होने वाले वायु शक्ति अभ्यास में प्रदर्शन करेंगे। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभ्यास में पहली बार राफेल विमान भी भाग लेंगे। शक्ति अभ्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
भारतीय वायु सेना हर तीन साल में पोखरण रेंज में अपनी क्षमता के प्रदर्शन के लिए वायु शक्ति अभ्यास का आयोजन करती है। इससे पहले यह अभ्यास 2019 में हुआ था। इस वायु शक्ति अभ्यास में 148 विभान भाग लेंगे, इनमें से 109 लड़ाकू विमान होंगे।
वायु सेना के अधिकारी ने बताया कि वायु शक्ति अभ्यास की शुरुआत 17 जगुआर विमानों से होगी। इसमें सुखोई-30, मिग-29, तेजस, राफेल और मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमान इस अभ्यास में भाग लेंगे। 24 हेलीकॉप्टर, सात परिवहन विमान और दूर से चलने वाले चार विमान भी सात मार्च को अभ्यास में हिस्सा लेंगे।
अधिकारी ने बताया कि वायु सेना के अपाचे, चिनूक, एमआई 17V5, एमआई 35, एएलएच एमकेआईवी, एलसीएच और आअएफ जैसे के हेलीकॉप्टर भी पोखरण में अभ्यास करेंगे। कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे शुरू होगा और दोपहर 12.30 बजे समाप्त होगा। इस दौरान आकाश मिसाइल सिस्टम और स्पाइडर मिसाइल सिस्टम की क्षमताओं को भी अभ्यास में दिखाया जाएगा।
भारतीय नौसेना अभ्यास ‘मिलन-2022’ में 26 जहाज
भारत की मेजबानी में बंगाल की खाड़ी में एक से चार मार्च तक चलने वाले द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास ‘मिलन-2022’ में 26 जहाज, 21 विमान और एक पनडुब्बी भाग लेगी। इस संबंध में पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल संजय भल्ला ने बताया कि इसमें मित्र देशों के सभी भाग लेनी वाली इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कमांडिंग अफसरों और योजना टीमों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि मिलन के आयोजन का उद्देश्य अंतर-संचालनीयता और समुद्री सहयोग को बढ़ाना देने के साथ ही भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच आपसी साझेदारी को बढ़ावा देना है। नौसेना अभ्यास ‘मिलन-2022’ के दौरान हथियारों से फायरिंग के अलावा सीमैनशिप विकास, उन्नत पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास, क्रॉस डेक हेलीकॉप्टर लैंडिंग व अन्य कई कार्यक्रमों को शामिल किया गया है।