भारत और पाकिस्तान की सीमा पर एक बार फिर टिड्डी दल ने हमला बोला है। टिड्डी(Locust) कीड़ों की एक ऐसी प्रजाति है, जो काफी कम समय में फसलों को चट कर जाती है। 1993 में पाकिस्तान से सटे राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में ये कीड़े सारी फसल चट कर गए थे। अब एक बार फिर पाकिस्तान के साथ-साथ भारत के बाड़मेर और आसपास के इलाकों में किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। 26 साल बाद आ रहे इस खतरे से किसानों को संभावित नुकसान को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक की।
अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित मुनाबाव में चार घंटे से ज्यादा चली मैराथन बैठक में समस्या के रोकथाम पर साझा कार्रवाई पर भी सहमति बनी है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान सीमा से सटे सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और लगातार इससे निपटने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
संभवतः यह पहला मौका था जब बैठक इतनी लंबी चली है। टिड्डी विभाग बाड़मेर के सहायक निदेशक महेश चंद्र ने कहा कि इस बैठक में भारत के वैज्ञानिकों के साथ ही तकनीक की जुड़े लोगों ने भाग लिया।
कृषि विभाग के अनुसार पाकिस्तान से 21 मई को एक दल फलौदी इलाके में आया था। इसके बाद केंद्रीय टीम और कृषि विभाग की टीमें टिड्डी दल की तादाद और मौजूदगी का पता लगाकर नियंत्रण में जुटी थी। इसको लेकर भारत का टिड्डी नियंत्रण संगठन सक्रिय हो गया है।
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत गंभीर
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के अंदर टिड्डी दल पाकिस्तान की तरफ से आता है और फसलों को नष्ट कर देता है। अभी जैसलमेर में हालिया हमला हुआ है। हमने अपने विभागों को कहा है कि आप केंद्र सरकार के संपर्क में रहें, क्योंकि केंद्र सरकार ही आगे आकर कदम उठाती है। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे हमले हुए हैं। किसानों की फसलें चौपट नहीं हो जाए, इसकी चिंता है। मैंने अपने अधिकारियों से बात करी है, जरूरत पड़ेगी तो और हम आगे की कार्रवाई करेंगे।
पाकिस्तान ने किया हवाई छिड़काव, भारत भी तैयारी में
टिड्डी पाकिस्तान के चार राज्यों में से तीन में गुजर गई है। जनता के भारी विरोध के बाद अब वहां हवाई जहाज से स्प्रे किया गया है। बाड़मेर से कुछ दूर पाकिस्तान के मीरपुर जिले के एयरपोर्ट पर जहाज तैनात किया गया है। पाकिस्तान के अधिकारियों ने भारत को बताया है कि उन्होंने 10 हजार हेक्टेयर में टिड्डी के खिलाफ कंट्रोल कार्यक्रम चला रखा है।
वहीं मानसून से पहले बारिश और तेज आंधी को देखते हुए भारत भी चिंतित है। हवा की दिशा दशा अनुकूल मिलने पर टिड्डी फिर से राजस्थान की तरफ आ सकती है। भारत ने टिड्डी से निपटने के लिए तैयारी कर रखी है।