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मुझे पढ़ना है, ससुराल नहीं जाना चाहती

Tue, 27 Nov 2012 03:46 PM IST
उदयपुर/इंटरनेट डेस्क
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सत्रह साल की एक लड़की पढ़-लिख कर पुलिसकर्मी बनना चाहती है, लेकिन उसके परिवार वाले गौना कर ससुराल भेजना चाहते हैं। यह व्यथा है मावली क्षेत्र में रहने वाली सपना (काल्पनिक नाम) की। इस कारण सपना को अपने घर से भागना पड़ा।
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सपना पिछले महीने की शुरूआत में बुआ के घर से चली गई थी। तब उसके घरवालों ने उसकी उम्र 21 साल बताते हुए थाने में मामला दर्ज करवाया। सपना ने बताया कि वह अपनी सहेली के घर मुंबई चली गई थी। किसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज होने की सूचना मिलते पर वह पुलिस के सामने आ गई।

सपना ने बताया कि तीन साल पहले बड़ी बहन और उसकी एक साथ शादी हो गई थी। वह पढ़ना चाहती है, लेकिन परिवार वाले गौना कर उसे ससुराल भेजना चाहते हैं। ससुराल वाले भी उसकी पढ़ाई के खिलाफ हैं। दसवीं की परीक्षा के बाद वह आगे दाखिला लेना चाहती थी लेकिन घरवालों ने उसे ससुराल भेज दिया।
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घर जाने से इंकार करने और पढ़ने की इच्छा जताने पर सपना को पुलिस ने बाल कल्याण समिति के दखल के बाद बालिका गृह भेज दिया है। इस संबंध में राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष दीपक कालरा का कहना है कि किशोरी को उसकी मर्जी के खिलाफ घर नहीं भेजा जाएगा। उसके अधिकार दिलाने में बाल आयोग और बाल कल्याण समिति पूरी मदद करेगी।
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