राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में सिरोही नगर परिषद ने गत भाजपा बोर्ड में हुए घोटालों को लेकर दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग को लेकर दर्ज की गई याचिकाओं का निस्तारण करते हुए एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने मामले में दायर सभी 12 याचिकाएं निस्तारित कर दीं हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि पुलिस अधीक्षक सिरोही के समक्ष 15 दिन के भीतर अपना ज्ञापन प्रस्तुत करें, जिसका डेढ़ महीने में निस्तारण करने का पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है। इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर डेढ़ माह तक रोक रहेगी।
आपराधिक विविध याचिका पर सुनवाई
उच्च न्यायालय ने आपराधिक विविध याचिका नम्बर 196/2021, 923/2021, 1068/2021, 1060/2021, 147/2021, 4691/2019, 5219/2019, 591/2021, 1071/2021, 593/2021, 1074/2021, 1479/2021 का निस्तारण करते हुए अपना निर्णय दिया। यह याचिकाएं दिलीप माथुर, ताराराम माली, रामलाल परिहार, मदन दत्ता, जगदीशलाल बारोलिया, लाल सिंह राणावत की ओर से अलग-अलग दायर की गई थीं। इनमें सर्वाधिक याचिकाएं ताराराम माली और रामलाल परिहार की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के समक्ष एफआईआर निरस्त करने के लिए जो तथ्य प्रस्तुत किये थे, उनसे न्यायालय ने असहमति प्रकट की और एफआईआर निरस्त करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने आरोपियों को छूट दी है कि वे चाहे तो 15 दिवस के भीतर पुलिस अधीक्षक को अपना ज्ञापन प्रस्तुत कर सकते हैं। जिसका निस्तारण उनके द्वारा डेढ़ माह में कर लिया जाएगा। इसके बाद पुलिस गुणा अवगुण के आधार पर इन्हें गिरफ्तार कर सकेगी।