विगत 3 दिन से जिले में मौसम का मिजाज गड़बड़ देखा जा रहा है। सोमवार की रात्रि को बरसात जोरदारी से हुई थी। मंगलवार को भी हल्की बूंदाबांदी के साथ बरसात का असर देखा गया था। लेकिन गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादलों की घटाएं देखी जा रही थी। बूंदाबांदी के साथ बरसात का दौर शुरू हो गया। करीब आधा घंटे तक बरसात का असर देखा गया। बरसात की वजह से आवागमन की रफ्तार भी थम गई। लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। कड़ाके की सर्दी एवं ठिठुरन ने लोगों को बेहाल कर दिया है। धौलपुर शहर के गली मोहल्ले में कीचड़ के हालात बन गए हैं। सर्दी की वजह से लोग अधिकांश घरों में कैद रहे हैं। वातावरण में पूरी तरह से ठंडक घुल गई है।
रबी की फसल के लिए बारिश फायदेमंद
किसानों के मुताबिक बरसात रबी फसल के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। जिले में प्रमुख रूप से गेहूं, सरसों एवं आलू फसल का ट्रेंड रहा है। इन सभी फसलों में फायदा माना जा रहा है। सरसों, गेहूं एवं आलू की फसल उगकर खेतों में तैयार हो चुकी है। खेतों से खरपतवार को हटाकर किसान पानी लगाने की कवायत में जुट रहा था। लेकिन बरसात से पहला पानी फसल को नसीब हो गया है। तीनों फसल में पहला पानी लगने के बाद किसान यूरिया एवं कीटनाशक दवाओं का प्रयोग कर सकेगा। उधर मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान में आगामी 1 से 2 दिनों मे बारिश की चेतावनी दी है। सर्द हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है।