राजस्थान कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान में रूचि नहीं दिखाने वाले नेताओं को प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस देने वालों में कांग्रेस के कई विधायक भी शामिल हैं। रंधावा ने सभी विधायकों से 3 दिन में जवाब मांगा है।
दरअसल, कांग्रेस ने 26 जनवरी को हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान का लक्ष्य प्रदेश सरकार की योजनाओं को लोगों के बीच ले जाना और उन्हें केंद्र सरकार की विफलताओं को बताना है। राजस्थान कांग्रेस के बड़े नेता और विधायक पार्टी के इस अभियान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
बीते दिनों जयपुर (संभाग) और अजमेर (संभाग) में अभियान को लेकर कांग्रेस के दो सम्मेलन हुए, लेकिन पार्टी के कई बड़े नेता इन सम्मेलनों में नहीं पहुंचे। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नाराजगी जाहिर की थी। अब उन्होंने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेताओं और विधायकों को नोटिस जारी किया है। रंधावा ने सभी से तीन दिन में नोटिस का जवाब देने के लिए कहा है।
जानकारी के मुताबिक जयपुर संभाग में हुए सम्मेलन में 35 में से सिर्फ 15 विधायक ही पहुंचे थे। गायब रहे 20 विधायकों में से कुछ भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में श्रीनगर में थे, इस कारण वे नहीं पहुंचे थे। बाकी अन्य विधायक बिना किसी सूचना के सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। इसी तरह अजमेर संभाग में हुए सम्मेलन में भी लगभग आधे विधायक ही शामिल हुए थे।
अजमेर संभाग में हुए सम्मेलन में सचिन पायलट और केकड़ी से पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भी बैठक में नहीं पहुंचे थे। जयपुर संभाग के सम्मेलन में मंत्री लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, डॉ. महेश जोशी, राजेंद्र गुढ़ा, परसादी लाल मीणा, मुरारी लाल मीणा, रफीक खान, दीपेंद्र सिंह शेखावत, वीरेंद्र चौधरी, परसराम मोरदिया, राजकुमार शर्मा, वेद सोलंकी, जीआर खटाणा, गंगा देवी, संदीप यादव, दीपचंद खेरिया, जौहरी लाल मीणा, साफिया जुबेर, रीटा चौधरी भी सम्मेलन में नहीं पहुंचे थे।