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Hanumangarh News: 26 करोड़ की साइबर ठगी में बैंक मैनेजर गिरफ्तार, फर्जी खाते खोलकर की धोखाधड़ी

Sun, 02 Feb 2025 03:51 PM IST
हनुमानगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़

सार

जिले में साइबर ठगों की धरपकड़ के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने ओवसीज बैंक के एक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। 26 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में यह कार्रवाई की गई। मामले में पांच आरोपियों को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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हनुमानगढ़ पुलिस की गिरफ्त में बैंक मैनेजर
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विस्तार
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हनुमानगढ़ जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान साइबर शील्ड के अंतर्गत पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में एक बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 26 करोड़ की साइबर ठगी मामले में यह गिरफ्तारी की है। साइबर थाना पुलिस ने इससे पहले इसी मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में बैंक मैनेजर की भूमिका सामने आई थी। पुलिस फिलहाल बैंक मैनेजर से पूछताछ में जुटी हुई है। 

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साइबर थाना प्रभारी हनुमानाराम बिश्नोई ने बताया कि हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक अरशद अली ने जिले की साइबर सेल, साइबर पुलिस थाना और जिला स्पेशल टीम की एक संयुक्त टीम का गठन कर साइबर फ्रॉड मामलों की जांच शुरू करवाई थी। जांच के दौरान भारत सरकार के एनसीआरएपी और जेएमआईएस पोर्टल पर दर्ज 66 साइबर फ्रॉड मामलों में से हनुमानगढ़ क्षेत्र से जुड़े 60 बैंक खातों में करीब 26 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की जानकारी मिली थी। इस पर साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की जांच और बैंक रिकॉर्ड की मदद से गिरोह के मुख्य सहयोगी ओवरसीज बैंक के मैनेजर सोनू वर्मा को गिरफ्तार किया। 

इससे पूर्व पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि बैंक मैनेजर ने बिना ग्राहक की उपस्थिति के फर्जी फर्म के नाम पर कई करंट और कॉर्पोरेट खाते खोले। इसके बाद उन्होंने विभिन्न साइबर ठगी अभियानों में शामिल अन्य आरोपियों को पैसे की निकासी और धोखाधड़ी में मदद की। गिरफ्तार पांच आरोपियों के पास से 60 बैंक पास बुक, 32 एटीएम कार्ड, 11 मोबाइल, 8 सिम कार्ड और 7 रबड़ की फर्जी स्टाम्प मोहरें बरामद किए गए थे। 
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पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला कि ठगी से प्राप्त राशि को फर्जी ट्रेडिंग एप, अवैध गेमिंग, क्रिप्टो करंसी धोखाधड़ी और यूएसडीटी जैसी गतिविधियों के माध्यम से मूल खातों में स्थानांतरित किया जाता था।

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