प्लॉट ठगी का फरार आरोपी तीन साल बाद गिरफ्तार
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कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी करने वाला आरोपी आखिरकार तीन साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी पुलिस से बचने के लिए जयपुर में कपड़े रंगाई का काम कर रहा था, ताकि सामान्य मजदूर की तरह रहकर अपनी पहचान छिपा सके। हालांकि मुखबिरों के मजबूत नेटवर्क और पुलिस की लगातार निगरानी के चलते उसका ठिकाना उजागर हो गया। हनुमानगढ़ टाउन पुलिस ने आरोपी सोहेल खान पुत्र सलीम खान निवासी नई आबादी को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़े आठ मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
बार-बार बदल रहा था ठिकाना
पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इसी दौरान उसने जयपुर में कपड़े रंगाई का काम शुरू कर दिया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो और वह पुलिस की नजर से बचा रहे।
पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लोकेशन बदलकर हर बार बच निकलता था।
मुखबिरों की सूचना से खुला ठिकाना
सूत्रों के अनुसार पुलिस को हाल ही में मुखबिरों से सूचना मिली कि आरोपी जयपुर में रहकर काम कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने गोपनीय तरीके से उसकी निगरानी शुरू की। सही लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचने का आरोप
जांच में सामने आया कि वर्ष 2014 में आरोपी ने अपने पिता सलीम खान के साथ मिलकर गांव कोहला के पास कॉलोनी डेवलप करने का झांसा दिया था। आरोप है कि लोगों को प्लॉट बेचने के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूले गए, लेकिन बाद में कई खरीदारों को न तो प्लॉट दिए गए और न ही उनकी रकम वापस लौटाई गई। पुलिस जांच में मौके पर न तो प्लॉट मिले और न ही भूमि रूपांतरण से जुड़े कोई दस्तावेज सामने आए।
पहले पिता हो चुका गिरफ्तार
पीड़ितों की शिकायतों के बाद वर्ष 2023 में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस इस मामले में आरोपी के पिता सलीम खान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि सोहेल खान लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सक्रिय सूचना प्रणाली के कारण आरोपी तक पहुंचना संभव हो पाया। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध कॉलोनी और प्लॉट बिक्री के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।