हनुमानगढ़ में दो माह पहले सीवरेज चैम्बर में हुए हादसे में घायल कर्मचारी कमलजीत सिंह की बुधवार को जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के दिन एक कर्मचारी की भी मौत हुई थी, जबकि कमलजीत पिछले दो महीने से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था।
हनुमानगढ़ में लगभग दो महीने पहले सीवरेज चैंबर में हुए हादसे में घायल कमलजीत सिंह आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। वार्ड 11, सेक्टर 12, जंक्शन निवासी कमलजीत सिंह (30) पुत्र प्रविन्द्र सिंह हादसे के बाद से कोमा में था। जयपुर के मेट्रो मास हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई।
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इस हादसे में एक कर्मचारी की घटना के दिन ही मौत हो गई थी, जबकि कमलजीत सिंह लंबे समय से जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। जंक्शन थाना पुलिस ने गुरुवार को टाउन स्थित राजकीय जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश हो गए थे
गौरतलब है कि 14 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे जंक्शन क्षेत्र में धानमंडी के पीछे बने सीवरेज चैम्बर में सफाई के लिए दो कर्मचारी उतरे थे। अंदर जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के लिए तीसरा कर्मचारी भी नीचे उतरा, लेकिन वह भी दम घुटने से बेहोश हो गया।
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बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया
उसी समय वहां से गुजर रहे पुलिस जवान सुभाष मांझू ने मदद की पुकार सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने एम्बुलेंस बुलाकर एक कर्मचारी को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। बाकी दो कर्मचारियों को करीब आधे घंटे बाद बाहर निकाला जा सका। सूचना मिलने पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे, लेकिन हालात पर काबू पाने में प्रशासन बेबस नजर आया।
इलाज के दौरान मौत हो गई
नगर परिषद के ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी मलकीत सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए मुंह पर रुमाल बांधकर चैम्बर में उतरकर बेहोश कर्मचारियों को बाहर निकाला। सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ठेकेदार का कर्मचारी करण सिंह (22) पुत्र मंगतू सिंह निवासी सोरगर मोहल्ला, टाउन की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, कमलजीत सिंह और सूरज (23) पुत्र अशोक वाल्मीकि निवासी सूरतगढ़ रोड, मक्कासर फाटक, जंक्शन को आईसीयू में भर्ती कराया गया था। कमलजीत सिंह ने करीब दो महीने बाद बुधवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।