गेहूं खरीद की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने पीलीबंगा में सूरतगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया है। इससे पहले दो दिन तक किसान एसडीएम ऑफिस के सामने धरने पर बैठे थे। किसानों की ओर से गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद की आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग की जा रही है। इधर, गोलूवाला में किसानों ने उपतहसील कार्यालय के सामने पड़ाव लगा दिया है। इससे पहले गुरुवार को पीलीबंगा में आंदोलन के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच हुई कई दौर की वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला।
किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता बेनतीजा
गुरुवार को जिला मुख्यालय से एडीएम उम्मेदीलाल मीणा पीलीबंगा पहुंचे थे। उन्होंने 75 हजार बारदाना तुरंत उपलब्ध करवाने की बात कही, लेकिन किसानों ने बताया कि 8 लाख बैग की जरूरत है। माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने बताया कि अधिकारियों से वार्ता हो रही है, लेकिन इसका कोई औचित्य नहीं है। गेहूं खरीद का लक्ष्य और अंतिम तारीख बढ़ाने का निर्णय सरकार के स्तर पर होगा। ऐसे में अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं।
सूरतगढ़ रोड पर किसानों ने लगाया जाम
शुक्रवार को पूर्व घोषणा के अनुसार किसानों ने सूरतगढ़ रोड पर गद्दे लगाकर जाम कर दिया। किसानों का कहना है कि गेहूं की सरकारी खरीद आर-पार की लड़ाई है। किसान पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाने और खरीद की अंतिम तारीख बढ़वाने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
गोलूवाला में उपतहसील कार्यालय के सामने पड़ाव
इधर, गोलूवाला में किसान उपतहसील कार्यालय के सामने पड़ाव लगाकर बैठ गए हैं। किसान गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने और बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं। खास बात यह है कि व्यापारी अपने स्तर पर बारदाना वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बारदाना वितरण में अनियमितता बरती गई और चहेते लोगों को प्राथमिकता दी गई।
मंडियों में गेहूं पड़ा, खरीद लक्ष्य पर सवाल
जिले में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद का लक्ष्य 7.52 लाख मीट्रिक टन रखा गया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद मंडियों में बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा हुआ है। किसानों और व्यापारिक संगठनों की ओर से लगातार खरीद अवधि 30 जून तक बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
बारदाने की कमी और स्लॉट बुकिंग बनी समस्या
मंडियों में बारदाने की कमी, गेहूं उठाव में देरी और स्लॉट बुकिंग जैसी समस्याओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। कई किसान पिछले कई दिनों से खरीद केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यदि खरीद अवधि नहीं बढ़ाई गई तो बड़ी संख्या में किसानों को अपना गेहूं औने-पौने दामों में बेचना पड़ सकता है।
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बढ़ा उत्पादन, फिर भी किसानों की बढ़ी चिंता
इस बार गेहूं उत्पादन और बुवाई क्षेत्र दोनों में बढ़ोतरी हुई है। जिले में गेहूं का रकबा करीब 6 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, पिछले साल की तुलना में उत्पादन भी अधिक बताया जा रहा है। इसके बावजूद खरीद लक्ष्य कम रखने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।