हनुमानगढ़ जिले की 109 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। इस उपलब्धि के लिए जिले के डॉ. मुकेश शेखावत ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में हिस्सा लिया। इस समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राजस्थान को यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ और एनएचएम मिशन निदेशक भारती दीक्षित ने यह सम्मान ग्रहण किया।
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वर्ष 2024 में राजस्थान की 3,355 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जबकि 2023 में यह संख्या केवल 586 थी। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राजस्थान में 19 हजार से अधिक निक्षय मित्र जुड़ चुके हैं। इस अभियान को सांसदों और विधायकों की भागीदारी से सामुदायिक स्तर पर मजबूत किया गया है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि विभाग 'आपणो स्वस्थ राजस्थान' की दिशा में पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को टीबी मुक्त भारत अभियान में देश का अग्रणी राज्य बनाना लक्ष्य है।
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हनुमानगढ़ जिले की 109 ग्राम पंचायतें इस बार टीबी मुक्त घोषित हुई हैं, जबकि पूर्व में यह संख्या केवल 7 थी। कार्यक्रम में राज्य टीबी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी और टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. एसएन. धौलपुरिया भी उपस्थित थे।
100-दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान
डॉ. मुकेश शेखावत ने बताया कि भारत सरकार ने 7 दिसंबर 2024 से 17 मार्च 2025 तक 100-दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान चलाया था। इसका उद्देश्य टीबी निदान और उपचार सेवाओं को सशक्त करना था। यह अभियान 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 347 चिन्हित जिलों में आयोजित किया गया, जिसमें राजस्थान के पांच जिले- बारां, हनुमानगढ़, झालावाड़, कोटा और राजसमंद शामिल थे। इन 5 जिलों में समुदाय स्तर पर 734 निक्षय कैंप आयोजित किए गए, जिनमें 8.84 लाख व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई।
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