राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में रविवार को अवकाश के बावजूद विशेष सुनवाई का दौर देर रात तक जारी रहा। हनुमानगढ़ नगर परिषद के पार्षद सुमित कुमार समेत 9 पार्षदों ने पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के चलते हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की विशेष एकलपीठ का गठन किया गया।
देर रात हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी 9 याचिकाकर्ता पार्षदों को अंतरिम राहत दी। अदालत ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी।
करीब एक घंटे चली सुनवाई, रात 12 बजे आदेश
पार्षदों की ओर से अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय ने पक्ष रखा। रजिस्ट्री में मामला दर्ज होने के बाद इसकी अर्जेंसी को देखते हुए रविवार देर रात विशेष सुनवाई तय की गई।
डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की एकलपीठ में करीब एक घंटे तक सुनवाई चली। इसके बाद अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत प्रदान की। आदेश देर रात करीब 12 बजे जारी किया गया।
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मंजू रिणवा को राहत के बाद बढ़ी पार्षदों की चिंता
याचिका में पार्षदों की ओर से बताया गया कि चेयरमैन पद की प्रत्याशी मंजू रिणवा को भी रविवार को हाईकोर्ट से राहत मिली थी। इसके बाद पुलिस पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंची।
पार्षदों की ओर से अदालत में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका का मुद्दा उठाते हुए तत्काल न्यायिक संरक्षण की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पुलिस की कार्रवाई के चलते उन्हें गिरफ्तारी का डर है।
रविवार को लगातार विशेष सुनवाई का दौर
हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों की याचिका पर हुई सुनवाई रविवार को हाईकोर्ट में हुए लगातार विशेष मामलों की कड़ी का हिस्सा रही। अवकाश के दिन पहले अलग-अलग मामलों में विशेष पीठों का गठन हुआ और देर रात तक अर्जेंट मामलों की सुनवाई होती रही।
बीकानेर से जुड़े मामले के बाद हनुमानगढ़ के पार्षदों की याचिका पर भी मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर विशेष पीठ गठित की गई। इसके बाद देर रात सुनवाई हुई और अदालत ने पार्षदों को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद 9 पार्षदों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक है। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही अदालत के अगले आदेश के अनुसार होगी।