मेजर अनुज सूद के पिता रिटायर्ड ब्रिगेडियर चंद्रकांत सूद ने ट्वीट किया, अनुज ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। यह उसकी ड्यूटी और जो उसे प्रशिक्षण दिया गया था, का हिस्सा था। मैं केवल उसकी पत्नी को लेकर दुखी हूं क्योंकि चार महीने पहले ही शादी हुई है।
नायक राजेश : सात साल पहले फौज में आए
सरदूलगढ़ के गांव राजराणा निवासी राजेश कुमार की शहादत का समाचार सुनते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। राजेश 7 साल पहले फौज में भर्ती हुए थे। परिवार में माता-पिता, दो भाई और दो बहनें हैं। पंजाब सरकार परिवार को दस लाख रुपये और सरकारी नौकरी देगी।
भनोली तहसील के मिरगांव निवासी लांसनायक दिनेश सिंह के शहीद होने की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां तुलसी देवी बेसुध हो गईं तो पिता गोधन सिंह नि:शब्द। दिनेश दो बहनों के इकलौते भाई थे। एक विवाहित बहन का पहले ही निधन हो चुका है।
सब इंस्पेक्टर काजी : आतंकियों के काल थे
शहीद सब इंस्पेक्टर सगीर अहमद काजी आतंकियों के लिए काल से कम नहीं थे। वह जम्मू-कश्मीर पुलिस के आतंक विरोधी दल एसओजी का अहम हिस्सा रहे। उनको तीन आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिली और वह कांस्टेबल से सब इंस्पेक्टर बने थे। उनका अपना एक नेटवर्क था।