राजस्थान में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा गुर्जर आंदोलन मौसम की तरह छठे दिन भी तल्ख रहा। सरकार और गुर्जरों के बीच वार्ता को लेकर मंगलवार को चिट्ठी का आदान प्रदान हुआ, लेकिन दोनों पक्ष वार्ता के स्थल को लेकर अड़े हुए हैं। दोनों पक्ष वार्ता चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर। सरकार चाहती है कि वार्ता जयपुर हो, लेकिन गुर्जर बयाने में वार्ता के लिए अड़े हुए हैं।
इधर, जयपुर-मुम्बई वाया कोटा ट्रेक पर पीलूपुरा पर तथा जयपुर-आगरा हाईवे स्थित सिकंदरा पर गुर्जर डटे हुए हैं, जिससे यहां आवागमन बिलकुल ठप्प है। हालांकि पुलिस ने जयपुर आगरा मार्ग सोमवार को खुलावाया था, लेकिन चार घंटे बाद वापस गुर्जर आंदोलनकारी आ धमके और फिर हाईवे जाम कर दिया।
सरकार ने वार्ता के लिए तीसरी चिट्ठी गुर्जर आंदोलन की अगुआई कर रहे कर्नल किरोड़ सिंह बैंसला के नाम भेजी। सरकार ने चिट्ठी में तर्क दिया कि आरक्षण जैसे पेचीदा मामले में कानूनी व तकनीकी विशेषज्ञों की आवश्यकता पड़ सकती है। जो सुविधाएं जयपुर स्थित शासन सचिवालय में मिल सकती हैं, वह बयाना में नहीं मिल सकतीं। इधर, जवाब में बैंसला ने लिखा कि संवैधानिक व कानून सम्मत समाधान के साथ सरकार से गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति बयाना में वार्ता के लिए तैयार है।