सूबे के सरकारी स्कूलों में सूर्य नमस्कार और योग को लेकर विवाद झेल चुकी राजस्थान सरकार ने सभी पुस्तकालयों में गीता रखवाने का आदेश दिया है। अब प्रदेश के सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के पुस्तकालयों में गीता उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी का मानना है कि गीता जीवन दर्शन है और इस दर्शन पर चलकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है। देवनानी ने कहा कि जीवन मूल्यों का सार गीता में निहित है। ऐसे में प्रत्येक मनुष्य को गीता अवश्य पढ़नी चाहिए।
युवा पीढ़ी को गीता के महत्व से अवगत कराने के लिए सूबे के साढ़े 13 हजार विद्यालयों के पुस्तकालयों में गीता की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।