वृद्धावस्था पेंशन के बारे में शर्मा ने कहा कि सरकार ने दो स्लैब में मिल रही 500 रुपये व 750 रुपये की पेंशन को बढ़ाकर क्रमश: 750 रुपये व 1000 रुपये प्रति माह करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि एनआरएचएम, पैरा टीचर, उर्दू पैराटीचर, लोक जुंबिक कर्मी, आंगनबाड़ी कर्मी, विद्यार्थी मित्र व पंचायत सहायक जैसे संविदाकर्मियों की समस्या पर विचार करने के लिए समिति गठित की जाएगी। यह समिति इन सभी कर्मियों की बातों को सुनकर उनकी समस्याओं के समाधान फैसला करेगी।
शर्मा ने कहा कि 2011 व 2012 राजस्थान लोकसेवाओं के प्रदान की गारंटी का अधिनियम 2011 व राजस्थान सुनवाई अधिकार अधिनियम 2012 का साथ साथ इस्तेमाल करके शासन पारदर्शिता, जवाबदेही, संवेदनशीलता और आम जन की सुनवाई को सुनिश्चित करने का हमारी सरकार काम करेगी।
बाड़मेर में प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित रिफाइनरी परियोजना पर शर्मा ने कहा कि यह रिफाइनरी राजस्थान का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसकी शुरुआत कांग्रेस सरकार ने की थी। उन्होंने कहा कि गत पांच साल में इसको लेकर निर्वतमान सरकार ने ढुलमुल रवैया अपनाया उससे यह राज्य के इस महत्वपूर्ण परियोजना पर तेज गति से काम नहीं हो पाया। हमारी सरकार ने फैसला किया है कि ये हमारी सरकार की प्राथमिकता होगी और रिफाइनरी के काम को बहुत तेजी के साथ एक निश्चित समयावधि में पूरा करेंगे।
उन्होंने कहा सरकार के सभी मंत्री जिस दिन राजधानी में रहेंगे उस दिन सुबह एक घंटे जन सुनवाई करेंगे। उन्होंने कहा, ‘सारा मंत्रिमंडल सुबह नौ बजे से दस बजे के बीच आम जनता की सुनवाई करेगा। मंत्री अपने घर पर आम जनता से संवाद स्थापित करेंगे उनकी बात सुनेंगे व समस्याओं के समाधान का काम करेंगे।’
सरकारी पत्रों (लेटरहेड) पर से पंडित दीनदयाल का फोटो हटाने का फैसला भी मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किया गया। शर्मा ने कहा, ‘सरकारी लेटरहेड में अशोक स्तंभ ही प्रमुख होगा, किसी नेता का उसमें कोई उल्लेख नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि निवर्तमान वसुंधरा राजे सरकार ने सरकारी लेटरहेड पर अशोक स्तंभ को किनारे कर पंडित दीनदयाल की फोटो बीच में लगाने का फैसला किया था जिसे समाप्त कर दिया गया है।
सरकार ने नरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन की कार्ययोजना बनाने का निर्देश मुख्य सचिव को दिए हैं। इसी तरह स्थानीय निकायों में मेयर, सभापति व अध्यक्ष का निर्वाचन फिर प्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति से आम मतदाता वोट डालकर कर सकेगा। सरकार ने इस बारे में भी पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के फैसले को बदल दिया है। एक सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा, ‘गत सरकार के आखिरी छह महीने में किए गए फैसलों की समीक्षा की जाएगी।’