राजस्थान के धौलपुर जिले में घड़ियाल अभ्यारण क्षेत्र होने के कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चंबल नदी से बजरी निकालना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी चंबल नदी से बजरी का अवैध खनन किया जाता है। पुलिस भी बजरी खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती है। वहीं, अब धौलपुर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रितेश शर्मा ने चंबल बजरी खनन मंजूरी के लिए संघर्ष समिति के गठन का ऐलान किया है।
पूर्व चेयरमैन रितेश शर्मा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर संघर्ष समिति के गठन का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि चंबल नदी से बजरी निकालने को लेकर मध्य प्रदेश की सरकार ने कुछ घाटों को लीगल कर उनके टेंडर जारी कर दिए हैं, लेकन राजस्थान में आज भी बजरी निकासी पर प्रतिबंध है। बजरी परिवहन शहर के लोगों के लिए रोजगार का जरिया है। इसकी शुरुआत जल्द से जल्द होनी चाहिए।
रितेश शर्मा ने कहा कि चंबल नदी की बजरी को लेकर जो स्थिति मध्यप्रदेश में है, वही स्थिति राजस्थान में है। इसके बाव भी राजस्थान सरकार ने नदी से बजरी खनन को लीगल नहीं कराया है। मध्य प्रदेश सरकार राजस्थान के बॉर्डर पर 2 घाटों को लीगल करा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजरी कारोबारियों को राहत दिलाने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया है।
बतादें कि राजस्थान में इस साल चुनाव होने हैं। चुनाव की सुगबुगाहट पूरे प्रदेश में शुरू हो गई है। ऐसे में नेताओं ने लोगों से वादे करना शुरू कर दिए हैं, ताकि आने वाले चुनाव में इसका लाभ मिल सके।