राजस्थान में एक नाबालिग का उसके सौतेले पिता ने सौदा कर दिया। उसने 3 लाख लेकर में 14 साल की बेटी को 40 साल व्यक्ति को बेच दिया। इसके बाद दोनों की शादी भी करा दी। बाल विवाह की शिकार नाबालिग के साथ उसका पति 9 महीने तक दरिंदगी करता रहा। पीड़िता जब भी विरोध करती वह उसके साथ बुरी तरह मारपीट करता। बीते बुधवार को पीड़िता किसी तरह घर से भाग आई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
सौतेले पिता की हैवानियत और नाबालिग के पति की दरिंदगी का यह मामला जयपुर के जवाहर सर्किल थाने का है। बचपन बचाओ आंदोलन की टीम को जवाहर सर्किल पर बुधवार रात एक छोटी लड़की के बदहवास हालत में पड़े होने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची और पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
पीड़िता की आपबीती
बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने लड़की से बात करने की कोशिश की तो वह भागने लगी। टीम की महिलाओं ने उसे प्यार से समझाया और अपने पास बिठा लिया। कुछ देर बात करने के बाद ही वह बुरी तरह रोने लगी। रोते हुए उसने बताया कि वह अपने पति के चुंगल बचकर भागी हैं। छोटी बच्ची के मुंह से पति शब्द सुनकर बचपन बचाओ आंदोलन टीम की महिलाएं हैरान रह गईं।
जिसके बाद पीड़िता काउंसलिंग में बताया, वह धौलपुर जिले की रहने वाली है। वह 14 साल की है। मां के निधन के बाद उसका सौतेला पिता मारपीट कर उसे प्रताड़ित करने लगा। कहता था- तू मेरे ऊपर बोझ बन गई है। पीड़िता लंबे समय तक सौतेले पिता की प्रताड़ना सहती रही। वह दसंवी तक पढ़ी है और आगे भी पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसके पिता ने उसका सौदा कर दिया।
उसके गांव के पास एक दूसरे गांव के व्यक्ति ने उसे तीन लाख रुपये में खरीद लिया। वह 40 साल का था, जिसके बाद 11 दिसंबर 2021 को उसी व्यक्ति से उसकी शादी करा दी। जिसके बाद से वह अपनी ससुराल में ही रह रही थी। 9 महीने तक नाबालिग का पति उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। घर के पूरे काम उससे कराता। घर के काम या संबंध बनाने से मना करने पर आरोपी उसके साथ बुरी तरह मारपीट करता।
पीड़िता ने काउसंलिंग में कहा, पति की प्रताड़ना से वह बहुत तंग आ गई थी। कई बार उसने आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन कर नहीं पाई। ससुराल से भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाई। बीते बुधवार को मौका मिलते ही वहां से भाग निकली और जवाहर सर्किल पर आकर लेट गई। लड़की ने कहा कि जो मेरे साथ हुआ, वैसा किसी और के साथ कभी न हो।