मासूम बच्चों को अच्छी शिक्षा का झांसा देकर जयपुर लेकर आने वाले एक फर्जी एनजीओ के 'चाइल्ड होम' पर पुलिस छापे से असलियत का खुलासा हुआ। पुलिस ने वहां से 29 बच्चों को मुक्त कराया, जिनमें 27 लड़कियां और 2 लड़के हैं। ये बच्चे मणिपुर और नागालैंड से लाए गए थे।
पुलिस के अनुसार मानसरोवर में चल रहे एक चाइल्ड होम पर छापेमारी की गई है। एनजीओ से मिले दस्तावेज संदेहजनक हैं। यहां से 29 बच्चों को छुड़ाया गया है। मामले की जांच चल रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस को चाइल्ड होम से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे इसके संचालन को ठीक ठहराया जा सके।
जानकारी के अनुसार चाइल्ड होम से मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 6 से 22 साल तक है। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि यहां 29 बच्चों को एक ही कमरे में रखा जाता था और यहां लाई गई लड़कियों का किसी भी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था। मुक्त कराए बच्चों को गवर्मेंट हॉस्टल में भेजा गया है।
पिछले सात-आठ सालों से इस कथित एनजीओ का संचालन जैकब जॉन नाम का व्यक्ति कर रहा है। इस फर्जी एनजीओ की जानकारी जब मिली जब एक लड़की को बीमार होने के चलते मणीपुर भेजा गया। वहां थोड़े ही दिनों बाद लड़की की मौत हो गई।
इसपर वहां काम करने वाले एक एनजीओ ने मामले की तह तक जाने की कोशिश की। इससे जुड़े कुछ लोग मंगलवार सुबह दो अन्य एनजीओ वॉलिएंटर्स के साथ-साथ जयपुर पहुंचे। इन्हीं की जानकारी पर यह कार्रवाई हुई और इस फर्जीवाड़े का पता चला।