राजस्थान विधानसभा चुनाव में हुए मतदान के बाद अब कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां प्रत्याशियों के जरिए जनता की नब्ज टटोल रही हैं।
दोनों ही पार्टियों ने मंगलवार को प्रत्याशियों को जयपुर बुलाया और प्रदेश नेतृत्व ने अलग-अलग बुलाकर मंत्रणा की। कांग्रेस ने 6 संभागों के 149 प्रत्याशियों को बुलाया, वहीं भाजपा ने चार संभागों के प्रत्याशियों से गुफ्तगू की।
कांग्रेस ने प्रत्याशियों से लिखित में रिपोर्ट ली है। दोनों ही पार्टियां सीटों के आंकलन में जुटी हुई हैं। सूत्रों ने बताया कि दोनों ही पार्टियां अंदरखाने निर्दलियों से भी संपर्क बनाने में जुट गई हैं।
किस ने साथ दिया, किस ने नहीं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रभान ने एक-एक करके प्रत्याशियों को बुलाया। उन्होंने जातिगत समीकरणों तथा नेताओं से मदद मिलने को लेकर बारीकी से पूछताछ की। यहां तक पूछा गया कि किस सांसद व नेता ने प्रत्याशियों को सहयोग किया और किस नेता से सहयोग नहीं मिला। मतदान को लेकर पूछताछ में अधिकतर प्रत्याशियों ने जीत की उम्मीद जताई है। जयपुर सम्भाग के प्रत्याशियों को बुधवार को बुलाया गया है।
भाजपा में दिखा अधिक उत्साह
इधर, भाजपा मुख्यालय में अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है। सूत्रों ने बताया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने प्रत्याशियों से सवाल किए। उन्होंने मतगणना के रुख को जानने का प्रयास किया। भाजपा की बैठक भी बुधवार को जारी रहेगी। बुधवार को जयपुर, जोधपुर व उदयपुर सम्भाग के प्रत्याशियों को जयपुर बुलाया गया है।