राजस्थान में भाजपा पूर्व केन्द्रीय मंत्री व भाजपा के बागी जसवंत सिंह को बाड़मेर सीट से हारा हुआ मान रही है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि जसवंत सिंह ने भाजपा के उम्मीदवार कर्नल सोनाराम को अच्छी टक्कर दी है, लेकिन बाड़मेर सीट पर करीब 50 हजार मतों से भाजपा जीतेगी।
भाजपा राजस्थान में 25 में से 23 सीटें जीतने का दावा कर रही है। नागौर और दौसा सीट पर भाजपा जीत का दावा नहीं कर रही।
21 का गणित
लोकसभा चुनाव के दोनों चरणों के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में शनिवार को भाजपा की ओर से फीडबैक बैठक हुई।
बैठक में सभी उम्मीदवारों, जिला अध्यक्षों, प्रभारियों व वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया। सूत्रों के अनुसार भाजपा की ओर से 21 सीटों पर बिना असमंजस के जीत पक्की मानी जा रही है।
फीडबैक में बाड़मेर और चूरू सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार से अच्छी टक्कर मिलने की बात सामने आई है। लेकिन अंतर भले ही कम हो, लेकिन इन दोनों सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवारों की जीत मान रही है। ऐसे में भाजपा 23 सीटों का दावा कर रही है।
तीसरे के कारण भाजपा हताश
सूत्रों के अनुसार फीडबैक में कहा गया कि दौसा सीट में जीतना काफी मुश्किल है।
यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार केन्द्रीय मेंत्री नमोनारायण मीणा हैं और भाजपा ने उनके भाई राजस्थान में पूर्व डीजीपी हरीश मीणा को खड़ा किया है।
हरीश मीणा पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन इस सीट से तीसरा भी मजबूत उम्मीदवार राजपा से विधायक किरोड़ी लाल मीणा हैं। ऐसे में समीकरण काफी उलझे हुए बन गए हैं। यहां से भाजपा के पास जीत का दावा करना भी मुश्किल हो रहा है।
नागौर पर भी हार का साया
सूत्रों ने बताया कि फीडबैक में जानकारी मिल रही है कि नागौर सीट पर भी हार का साया मंडरा रहा है।
भाजपा ने आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सी.आर. चौधरी को टिकट दिया, जो पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनके सामने कांग्रेस की ज्योति मिर्धा हैं, जो वर्तमान सांसद हैं।
मिर्धा से स्थानीय लोग नाराज चल रहे हैं। लेकिन इस मुकाबले को रोचक बना रहे भाजपा के बागी विधायक हनुमान बेनीवाल मजबूत उम्मीदवार हैं। भाजपा इस सीट पर भी जीत की काफी कम उम्मीद लगा रही है।