डिलीवरी वार्ड द्वारा चिकित्सा अधिकारी से बदतमीजी
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पूरा मामला डिलेवरी वार्ड की अवैध वसूली से जुड़ा है, जिसमें डिलीवरी वार्ड के स्टाफ द्वारा लगातार की जा रही अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर पीएमओ द्वारा डिलीवरी वार्ड के स्टाफ को बदल दिया था। जिसके बाद नए स्टाफ द्वारा जब ड्यूटी संभाली गई तो उन्हें धमकी दी गई।
जिसके बाद पीएमओ ने समझाइश का प्रयास किया तो उनसे भी अभद्रता हुई है। अस्पताल के पीएमओ डॉ हरिकिशन मंगल ने बताया कि डिलीवरी वार्ड के स्टाफ द्वारा डिलीवरी के दौरान प्रसूति महिलाओं के परिजनों से अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में उन्होंने तीन सदस्य जांच कमेटी का गठन किया था। जिसकी रिपोर्ट मिलने पर पूरे डिलीवरी वार्ड के स्टाफ को अस्पताल में दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया और वहां नए स्टाफ की नियुक्ति की।
जिसके प्रभारी के रूप में नर्सिंग अधिकारी लाल सिंह मीणा को लगाया गया, जब लाल सिंह मीणा ड्यूटी ज्वाइन करने पहुंचे तो उनसे पूर्व स्टाफ द्वारा अभद्रता की और धमकी दी कि वह डिलीवरी वार्ड का चार्ज नहीं ले। ऐसे में लाल सिंह मीणा ने पीएमओ को जानकारी दी। पीएमओ जब वार्ड में समझाइश करने पहुंचे तो डिलीवरी वार्ड के स्टाफ ने उनसे भी अभद्रता की है।
ठोस कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर अस्पताल में तैनात नर्सिंग संघ के जिला अध्यक्ष उदय सिंह मीणा ने बताया कि इस प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उक्त घटना आज पीएमओ के साथ हुई है कल किसी और स्टाफ के साथ होगी। ऐसे में वे सभी पीएमओ डॉ हरकिशन मंगल के साथ हैं और पूरे मामले में जांच के साथ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं चिकित्सकों में भी रोष देखा जा रहा है। कुल मिलाकर नवीन प्रभारी के रूप में लगाए नर्सिंग अधिकारी लाल सिंह मीणा ने भी पूरे मामले में रोष व्यक्त किया है। आज कल का बहिष्कार कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।