सीओ सिटी मुनेश कुमार मीणा ने बताया कि धौलपुर निवासी पीड़ित जितेंद्र पाठक ने 19 जून 2024 को साइबर पुलिस थाने में फ्रॉड एवं ठगी का आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया था। पीड़ित का आरोप था कि उसके व्हाट्सएप पर अज्ञात नंबर 8327310680 से एक लिंक आया था।
लिक के माध्यम से उसको ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में जुड़ने के बाद पैसे दोगुना एवं तीन गुना करने का लालच देकर रुपए जमा करने को बोला गया। ठगों के झांसे में आकर 16 लाख 36 हजार रुपये ट्रेंडिंग एप के माध्यम से जमा कर दिए। रुपए जमा होने के बाद ग्रुप के लोगों का कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
जब आरोपियों को कॉल लगाए गए तो मोबाइल स्विच ऑफ आए। इसके बाद पीड़ित को खुद के साथ ठगी होने का एहसास हुआ। सीओ मीणा ने पीड़ित की शिकायत पर अभियोग पंजीबद्ध कर मामले में अनुसंधान शुरू किया। टेक्निकल उपकरणों के माध्यम से साइबर पुलिस ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया है।
फ्रॉड के मामले के आरोपी 22 वर्षीय विजेंद्र चौधरी पुत्र पप्पू सिंह चौधरी निवासी सीकर, 31 वर्षीय राकेश कुमार वर्मा पुत्र बीरबल सिंह जाट निवासी सीकर एवं 28 वर्षीय सतीश कुमार पुत्र झबर लाल निवासी सीकर को सीकर शहर से दस्तयाब किया गया। आरोपियों से फ्रॉड के बारे में गहन पूछताछ की गई थी। अनुसंधान के बाद इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ है। तीनों आरोपी ठगी के दोषी पाए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया तीनों आरोपी ट्रेडिंग के फर्जी ऐप चला रहे थे। शेयर मार्केटिंग के नाम पर पैसा जमा करते थे। धन दोगुना और तीन गुना करने का भरोसा देकर लोगों के साथ ठगी कर रहे थे।