देश में मोदी लहर है और भाजपा के पक्ष में माहौल भी है। लेकिन, राजस्थान के धौलपुर में हो रहे विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा सकते में है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष समेत राजस्थान के दर्जनभर मंत्री यहां भाजपा की जीत के लिए मोर्चा संभाले हुए है। कांग्रेस ने यहां बनवारी लाल शर्मा को मैदान में उतारा है। शर्मा 1993 के धौलपुर विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे को करीब साढ़े चार हजार वोटों से हरा चुके है। उस वक्त राजे सांसद थी।
इन पुराने नतीजों को देखते हुए भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में भारी जीत के उत्साह के बावजूद वह यह चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ रही है। भाजपा ने यहां से हत्या के मामले में अपनी विधायकी गंवा चुके बी.एल.कुशवाह की पत्नी शोभारानी को प्रत्याशी बनाया है। शोभारानी को जीताने के लिए भाजपा ने विधानसभा क्षेत्र को चार हिस्सों में बांटककर मंत्रियों और पदाधिकारियों को उनका प्रभारी बनाया है।
प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र राठौड़, चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, पीडब्ल्यूडी मंत्री युनूस खान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी, जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप, सांसद दुष्यंत सिंह व मनोज राजोरिया तथा कई पदाधिकारी यहां सभा कर चुके या फिर आने वाले दिनों में उनकी सभा का कार्यक्रम है।
नामांकन के समय मौजूद रहेंगे कांग्रेस के दिग्गज
धौलपुर उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में भी सक्रियता बढ़ गई है। सोमवार को पार्टी प्रत्याशी का नामांकन दाखिल होने के बाद कांग्रेस की रणनीति साफ होगी। सोमवार को बनवारी लाल शर्मा के नामांकन के समय पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी गुरुदास कामत, पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्रसिंह, विश्वेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में नेता शामिल होंगे। इसके बाद यहां चुनाव की रणनीति को लेकर बैठक होगी।