यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कई ब्राह्मणों को टिकट दिए और अधिकतर जीते भी। इसी तर्ज पर राजस्थान की धौलपुर सीट पर हो रहे उप चुनाव में कांग्रेस ने ब्राह्मण कार्ड खेला है और अपना प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा को बनाया है। शर्मा नौ बार चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार हारे भी हैं।
हत्या के आरोप में विधायकी गंवा चुके बसपा के बी.एल. कुशवाह के कारण धौलपुर सीट पर उपचुनाव का माहौल गरम है। इस चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी कुशवाह की पत्नी शोभारानी हैं। उन्होंने पिछले महीने ही भाजपा की सदस्यता ली है। बनवारी लाल शर्मा को कांग्रेस टिकट मिलना पहले ही तय हो चुका था और जनता मान भी रही थी कि कांग्रेस प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा ही होंगे। धौलपुर में 1.80 लाख कुल वोटर हैं, जिसमें से 33 हजार कुश्वाहों के वोट हैं। भाजपा ने इसलिए कुशवाह की पत्नी को ही यहां से प्रत्याशी उतारा है। वहीं इस सीट पर 30 हजार ब्राह्मण वोट हैं, जो बड़ा वोट बैंक है। इस कारण कांग्रेस ने शर्मा को प्रत्याशी बनाया। इसके अलावा 33 हजार माली वोट, 13 हजार मुस्लिम वोट और एससी-एसटी के 30 हजार वोट हैं। परम्परागत तौर पर तीनों श्रेणी के वोटर कांग्रेस के वोट बैंक हैं।
अभी परिस्थितियों के हिसाब से देखा जाए, तो कहा जा सकता है, धौलपुर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगता है और यहां पर वहां के चुनावों का असर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। केंद्र में और राज्य में भाजपा की सरकारें हैं। इस कारण भी धौलपुर में भाजपा की बेहतर स्थिति कही जा सकती है। इधर, कांग्रेस की लगातार हार के चलते कांग्रेस सुस्त दिखाई दे रही है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत धौलपुर सीट को जीतने में जान झौंक रहे हैं।