राजस्थान विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर सीपी जोशी से हुई नोकझोंक के बाद उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के खिलाफ इस सत्र की शेष कार्यवाही से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
राजेंद्र अब पूरे सत्र सदन में शामिल नहीं हो सकेंगे। वहीं भाजपा ने शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं कराए जाने का विरोध करते हुए सदन से वॉक-आउट कर दिया।
संसदीय मामलों के मंत्री शांति धारीवाल ने स्पीकर की मांग पर राठौड़ के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जिसे ध्वनिमत से पारित किया गया। राठौड़ ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सदस्यों को विधेयकों पर चर्चा के दौरान बोलने नहीं दिया जा रहा था।
उन्होंने कहा, इसका विरोध करने पर स्पीकर से बहस हो गई। भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। राजस्थान के भिखारियों या जरूरतमंदों के पुनर्वास (संशोधन) अधिनियम 2020 पर चर्चा के वक्त स्पीकर ने भाजपा विधायक मदन दिलावर को अपनी बात को जल्दी खत्म करने को कहा था।
स्पीकर ने कहा यह आम बहस नहीं है। राठौड़ ने इस पर आपत्ति जताई और अध्यक्ष से विपक्षी विधायकों को अपनी बात रखने देने को कहा। इस पर दोनों के बीच बहस हुई और स्पीकर ने राठौड़ के खिलाफ प्रस्ताव लाने को कहा।