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बारां में चरागाह से कब्जा हटाने की मांग: कलेक्ट्रेट में दाल-बाटी बनाई, कलेक्टर की कार के सामने लगाई ढोक

Thu, 20 Aug 2026 05:20 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां

सार

बारां में चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सहरोद गांव के किसानों ने कलेक्ट्रेट में अनोखा प्रदर्शन किया। धरने के दौरान दाल-बाटी बनाकर कलेक्टर की कार को भोग लगाया। किसानों ने कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी।

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बारां में किसानों का अनोखा आंदोलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बारां जिला मुख्यालय पर चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर सहरोद गांव के किसानों ने अनोखे तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बुधवार शाम वहीं दाल-बाटी बनाई। इसके बाद कलेक्ट्रेट के दरवाजे, भगवान गणेश और वहां खड़ी जिला कलेक्टर की सरकारी कार को दाल-बाटी का भोग लगाया। एक प्रदर्शनकारी ने कलेक्टर की कार के सामने सिर झुकाकर ढोक भी लगाई। इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

चरागाह भूमि पर कब्जे का आरोप

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ग्राम पंचायत सहरोद क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ चरागाह भूमि है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के प्रभावशाली लोगों ने पिछले 20 से 25 वर्षों से इस भूमि के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों के मुताबिक, इससे मवेशियों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है। कुछ लोगों पर खेतों तक जाने वाले रास्तों पर भी कब्जा करने का आरोप है, जिससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी होती है।

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एक सप्ताह पहले दिया था ज्ञापन

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धरने पर बैठे ग्रामीण सत्यप्रकाश नागर ने बताया कि किसानों ने करीब एक सप्ताह पहले प्रशासन को प्रार्थना पत्र और ज्ञापन देकर चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। फिलहाल किसान धरना स्थल पर ही खाना बना रहे हैं।

भूख हड़ताल की चेतावनी

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ग्रामीणों ने कहा कि जब तक चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। सुनवाई नहीं होने पर किसानों ने भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है।

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