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राजस्थान: दिल्ली जाने से पहले जान लें ये नियम, एक नवंबर से इन गाड़ियों की एंट्री पर रोक

Tue, 27 Oct 2026 08:16 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अधिसूचित श्रेणियों को छूट मिलेगी। इसके अलावा वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के बिना दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी जैसे ईंधन नहीं मिलेंगे।
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वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और सर्दियों में हवा की गुणवत्ता को बिगड़ने से रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर  से 31 जनवरी, 2027 तक दिल्ली के बाहर के राज्यों से आने वाले उन सभी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जो भारत स्टेज-VI (BS-VI) उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
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दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) वाली गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी भी नहीं मिलेगी। इस फैसले का सीधा असर राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटपूतली-बहरोड़, नीमराणा, झुंझुनूं और सीकर जैसे विभिन्न जिलों से राष्ट्रीय राजधानी जाने वाले दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और वाहन चालकों पर पड़ेगा।

प्रतिबंधित और छूट प्राप्त वाहनों की श्रेणी
दिल्ली सरकार की नई व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल, 2020 से पहले निर्मित बीएस-3 या बीएस-4 मानक वाली गैर-बीएस-VI पेट्रोल और डीजल कारों को दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके अतिरिक्त राजस्थान से माल आपूर्ति करने वाले बीएस-IV मानक वाले भारी और हल्के व्यावसायिक ट्रकों और पिकअप वाहनों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में 10 वर्ष से पुरानी डीजल और 15 वर्ष से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर पहले की तरह ही पाबंदी जारी रहेगी, चाहे उनका बीएस मॉडल कुछ भी हो।
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वहीं, 1 अप्रैल 2020 के बाद पंजीकृत बीएस-VI मानक वाली पेट्रोल-डीजल गाड़ियां, वैध पीयूसी होने पर दिल्ली में आ सकेंगी। राजस्थान में पंजीकृत सभी सीएनजी चालित वाहन, इलेक्ट्रिक दोपहिया व चार पहिया वाहन, एलपीजी व एलएनजी वाहन तथा एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल सप्लाई जैसी आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह छूट मिलेगी। दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर बीएस मानक से संबंधित कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है, लेकिन उनके लिए भी वैध पीयूसी रखना अनिवार्य होगा।

पेट्रोल पंपों पर ईंधन और चालान के नियम
यदि कोई बीएस-VI श्रेणी का वाहन राजस्थान से दिल्ली की सीमा में प्रवेश कर भी जाता है, तो भी उसे पेट्रोल पंपों पर ईंधन तभी मिलेगा जब उसका पीयूसी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज और मान्य होगा। दिल्ली-एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरों और ऑनलाइन सर्वर के माध्यम से गाड़ियों के पंजीयन नंबर की तुरंत जांच की जाएगी।
जांच के दौरान यदि किसी वाहन का पीयूसी समय सीमा समाप्त पाया जाता है, तो पेट्रोल पंप संचालक उसमें ईंधन भरने से स्पष्ट मना कर देंगे। इसके अलावा नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग की विशेष टीमें 10,000 रुपये तक का भारी चालान भी काट सकती हैं। इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर चलने वाले सभी वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को न्यूनतम स्तर पर लाना है।

सीमाओं पर निगरानी और यात्रियों के लिए सलाह
जयपुर-दिल्ली राजमार्ग (एनएच-48) और अलवर-दिल्ली मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को बॉर्डर पर कड़ी नाकाबंदी का सामना करना पड़ेगा। गुरुग्राम-दिल्ली (सरहौल बॉर्डर), फरीदाबाद बॉर्डर और कापासेड़ा बॉर्डर पर परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी। एएनपीआर कैमरों की सहायता से प्रतिबंधित गाड़ियों को सीमा से ही वापस राजस्थान लौटा दिया जाएगा।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी गाड़ी की आरसी में एमिशन नॉर्म्स वाले कॉलम में बीएस-VI दर्ज होने की पुष्टि कर लें तथा निकटतम पीयूसी केंद्र से अपना प्रमाण पत्र अपडेट करा लें। पुरानी बीएस-3 या बीएस-4 गाड़ियां रखने वाले लोग निजी वाहन ले जाने के बजाय राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की नई बीएस-VI बसों, सीएनजी या इलेक्ट्रिक बसों, वंदे भारत एक्सप्रेस और अन्य रेल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं।
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