जिले की सदर थाना पुलिस ने हाईवे पर फाइनेंस कंपनी की आड़ में वाहन चालकों को डराकर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को डिटेन किया गया है। आरोपी खुद को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताकर हाईवे पर वाहनों को रोकते थे और किस्त बकाया होने का डर दिखाकर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
एसपी सागर राणा के निर्देशन में सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का खुलासा किया। सदर थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि बदमाशों ने 10 दिसंबर को वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में 12 दिसंबर को करौली जिले के टोडाभीम थाना क्षेत्र के जैसनी निवासी लोकेश कुमार ने थाने में मामला दर्ज कराया था।
परिवादी ने बताया कि 10 दिसंबर को वह अपने एक रिश्तेदार के साथ बाइक से जयपुर से अपने गांव जा रहा था। भांडरोज मोड़ पेट्रोल पंप से आगे निकलते ही एक कार उनका पीछा करने लगी। एक्सप्रेस वे की पुलिया पार करते ही कार सवारों ने आगे आकर बाइक रुकवा ली और कहा कि बाइक पर फाइनेंस की किस्त बकाया है।
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जब पीड़ित ने बताया कि वह नियमित किस्त जमा कर रहा है तो आरोपियों ने बाइक को बाड़े में ले जाने का दबाव बनाया। मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जबरन कार में बैठा लिया गया। इसके बाद आरोपी उसे लालसोट होते हुए सवाई माधोपुर ले गए, जहां रास्ते में कई बार मारपीट कर भयभीत किया गया।
पीड़ित के अनुसार सवाई माधोपुर रोड पर बगड़ी टोल प्लाजा पार करने के बाद आरोपियों ने उससे 2 लाख 9 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए और फरार हो गए।
थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में वीरेंद्र उर्फ सोनू मीना निवासी तारनपुर, थाना मलारनाडुंगर (सवाई माधोपुर), कुलदीप उर्फ केडी गुर्जर निवासी सेवरा की ढाणी, थाना बसवा तथा राजेंद्र मीना निवासी मीणापटी राजवास, थाना सिकंदरा (दौसा) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।