बिजली विभाग के ठेका कर्मचारी अवतार गुर्जर की मौत के बाद लालसोट रोड पर हुए जाम-प्रदर्शन के मामले में 35 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने से गुर्जर समाज में नाराजगी बढ़ गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद रलावता और गुढ़ा-कटला सहित आसपास के गांवों के समाजजनों ने बैठक कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के जरिए कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
बीती रात जिला मुख्यालय के पास रलावता गांव के चौराहे पर पांच गांवों के प्रमुख लोगों की बैठक हुई। इसमें समाज के लोगों ने कहा कि अवतार गुर्जर की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी के सामने कई घंटे धरने पर बैठे थे। जब मांगों पर सहमति नहीं बनी तो लोगों ने लालसोट रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। समाज के लोगों का दावा है कि उस समय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत के दौरान रोड जाम करने वालों के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में 35 दिन बाद FIR दर्ज होने पर समाज में नाराजगी है।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संजय भंडाना ने आरोप लगाया कि उस समय हुए समझौते के बावजूद पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है। समाज के लोगों ने इसे वादा खिलाफी बताते हुए कहा कि पुलिस का यह रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। समाज की ओर से कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का फैसला लिया गया है।
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संजय ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुप्तेश्वर रोड पर हुए कथित ट्रैक्टर आंदोलन के मामले में कुछ लोगों को राहत दी गई, जबकि गरीब ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। समाज के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया।
कोतवाली थाना पुलिस ने मक्खन डोई, धारा सिंह डोई, सियाराम डोई, गिर्राज डोई, मोहरसिंह, मुकेश (गांगल्यावास), रामकुंवार ठेकेदार, श्रवण गुर्जर, मानसिंह गुर्जर (मोटलबास), संजय भंडाना, जीतू गुर्जर (श्यालावास, बांदीकुई), सुरेश तुंगड़ (भाण्डारेज मोड़), विजेन्द्र पीपलकी, विजेन्द्र (लोहसरी) और सतवीर छावड़ी (सबलपुरा) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पूरे मामले पर एसपी पीयूष दीक्षित ने कहा कि सड़क जाम करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और फिलहाल मामले का अनुसंधान जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।