दौसा जिले के नांगल थाना इलाके में स्थित एक कॉलेज में साइबर शील्ड अभियान, सड़क सुरक्षा अभियान और साइबर अपराध, पोक्सो एक्ट, यातायात नियमों और नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों को साइबर हेल्पलाइन 1930 और सिटीजन राजकॉप एप के Need Help इमरजेंसी बटन का उपयोग सिखाया गया। कार्यक्रम में नांगल डिप्टी एसपी चारुल गुप्ता ने छात्रों को जागरूक किया, जबकि उनके बगल में बैठे नांगल राजावतान थाना अधिकारी हुसैन अली मोबाइल में व्यस्त नजर आए।
लेकिन, जैसे ही यह कार्यक्रम खत्म हुआ लालसोट रोड पर ओवरलोड वाहनों को चलते देखा गया। वहीं, कार्यक्रम के तहत जिन छात्र-छात्राओं को कॉलेज के अंदर सड़क सुरक्षा सप्ताह और साइबर क्राइम की जानकारी दी गई थी। वे छात्र बाहर आकर खुद की जिंदगी को खतरे में डालकर ओवरलोड वाहनों में सफर करने को मजबूर दिखे। ऐस में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान की सार्थकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन की लापरवाही
वहीं, नांगल राजावतान क्षेत्र में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और तेज आवाज में अश्लील गाने बजाने वाले वाहनों का संचालन आम हो गया है। लाडली का बास, आलूदा, और अन्य इलाकों से गुजरते हुए ये वाहन जिला मुख्यालय तक पहुंचते हैं। नांगल राजावतान सीओ सर्किल में चार थाने लगने के बाद भी ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से लोग सड़क सुरक्षा अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं।
अधिकारियों का बयान
इस पूरे मामले को लेकर डिप्टी एसपी चारुल गुप्ता ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य जनता को सतर्क करना है। अगर, सवारियां गाड़ियों में लटककर जा रही हैं, तो ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। थाना अधिकारी हुसैन अली के मोबाइल चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह किसी अर्जेंट काम की वजह से हो सकता है।