दौसा–जयपुर एसीबी की बड़ी कार्रवाई ने पूरे जिले के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने वाली एजेंसी के ही दौसा ACB चौकी में कार्यरत रीडर हरभान सिंह को रिश्वत मांगने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
फुलेरा सीआई से 10 लाख की मांग, 2 लाख पहले ही ले चुका
जानकारी के मुताबिक, मामला फुलेरा थाना प्रभारी चंद्रप्रकाश से जुड़ा है, जो पहले से ही एसीबी के मुकदमा नंबर 261 में आरोपी हैं। जांच के दौरान रीडर हरभान सिंह ने उनसे आरोपियों की सूची में नाम शामिल न करने के बदले 10 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। वह सीआई से 2 लाख रुपये पहले ही ले चुका था। एसीबी को कार्रवाई का अंदेशा होने पर रीडर रिश्वत की राशि लौटाना चाहता था, लेकिन इससे पहले ही उसे दबोच लिया गया। विभाग ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया है।
DSP नवल किशोर मीणा को भी पद से हटाया गया
रीडर की रिश्वत डील में दखल और संदिग्ध भूमिका के चलते दौसा चौकी पर तैनात एसीबी डीएसपी नवल किशोर मीणा को हटाकर जयपुर मुख्यालय भेज दिया गया है। मामले को लेकर डीएसपी नवल किशोर ने कहा कि रीडर कब और किससे पैसे मांग रहा था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और न ही उनका इस रिश्वत मामले से कोई संबंध है।
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पहले भी शिकायत पर हो चुका है रीडर का तबादला
हरभान सिंह को करीब एक माह पहले ही दौसा एसीबी चौकी में रीडर लगाया गया था। इससे पहले वह भरतपुर एसीबी चौकी में कार्यरत था, जहां शिकायत मिलने पर उसका तबादला कर उसे जयपुर भेजा गया था। इसके बाद उसे दौसा चौकी में तैनाती दी गई थी।
एसीबी चौकी में हड़कंप, आतंरिक सिस्टम पर उठे सवाल
दौसा ACB चौकी के भीतर रिश्वत प्रकरण के सामने आने के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप है। विभागीय अधिकारियों ने इसे जांच प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप बताते हुए गंभीर मामला माना है। रिश्वत प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों फुलेरा सीआई चंद्रप्रकाश, उनके दलाल और थाने के सिपाही विश्वेंद्र को पहले ही एसीबी गिरफ्तार कर चुकी है।