फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा; आरोपी की बेटी मेडिकल कॉलेज से गायब, अलर्ट मोड में CBI

Sun, 17 May 2026 11:28 AM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा

सार

Rajasthan: नीट पेपर लीक मामले में CBI की जांच अब दौसा मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है। मुख्य आरोपी मांगीलाल बिंवाल की बेटी प्रगति बिंवाल के कॉलेज से अचानक गायब होने के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है।  
विज्ञापन
दौसा मेडिकल कालेज - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नीट पेपर लीक कांड की जांच की आंच दौसा के पंडित नवल किशोर शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है। पेपर लीक के मुख्य आरोपियों में शामिल मांगीलाल बिंवाल की बेटी प्रगति बिंवाल यहां एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। लेकिन जैसे ही CBI ने शिकंजा कसना शुरू किया, प्रगति कॉलेज से छुट्टी लेकर गायब हो गई।

विज्ञापन


13 मई से कॉलेज नहीं पहुंची छात्रा
प्रगति ने 13 मई को 20 मई तक अवकाश के लिए आवेदन दिया था, लेकिन इसके बाद से वह कॉलेज नहीं पहुंची है। बताया जा रहा है कि जमवारामगढ़ स्थित उसके घर पर भी वह मौजूद नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वह CBI जांच से बचने के लिए कहीं छिपी हुई है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रगति की मार्कशीट ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की चिंता
जानकारी के अनुसार, प्रगति को वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान राजस्थान बोर्ड द्वारा प्रमोट किया गया था, जिसमें उसे करीब 90 प्रतिशत अंक मिले थे। वहीं, NEET-2025 में उसके 720 में से 385 अंक आए और SC श्रेणी में उसका चयन हो गया। अब CBI वर्ष 2021 से 2025 तक उसके सभी शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
विज्ञापन


भाई विकास के अंकों ने भी खड़े किए सवाल
प्रगति के भाई विकास बिंवाल के 10वीं में 63 प्रतिशत और 12वीं में 55 प्रतिशत अंक थे। NEET-2024 में उसे 720 में से केवल 270 अंक मिले थे, जबकि कोचिंग टेस्ट में उसका औसत करीब 384 अंक बताया गया। इसके बावजूद NEET-2025 में उसने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पा लिया। परिवार के अन्य सदस्यों के शैक्षणिक रिकॉर्ड और NEET परिणामों में भी बड़ा अंतर सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

एक ही परिवार के 5 बच्चों का मेडिकल कॉलेज में चयन
CBI अब बिंवाल परिवार के उन सभी बच्चों की जांच कर रही है, जिनका पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ है। यह आंकड़ा जांच एजेंसी को भी चौंकाने वाला लग रहा है।

प्रगति बिंवाल- दौसा मेडिकल कॉलेज (MBBS प्रथम वर्ष)
विकास बिंवाल- सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज
सानिया- SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर
पलक- मुंबई के मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत
गुंजन- वाराणसी से मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रही है

जांच एजेंसी को संदेह है कि क्या इन सभी का चयन पारदर्शी तरीके से हुआ या फिर इनके पीछे भी पेपर लीक नेटवर्क की भूमिका रही।

फार्महाउस और लग्जरी गाड़ियों तक पहुंची CBI
CBI दिनेश बिंवाल के फरार बेटे ऋषि की तलाश में भी जुटी हुई है, जो इस वर्ष NEET परीक्षार्थी था। जांच टीम ने घर के पास बने फार्महाउस और वहां खड़ी लग्जरी गाड़ियों की भी तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

साबित हुआ तो शिक्षा जगत का सबसे बड़ा घोटाला
अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि बिंवाल परिवार के बच्चों का मेडिकल कॉलेज में चयन गलत तरीके से हुआ है, तो यह राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के शिक्षा जगत का सबसे बड़ा स्कैम साबित हो सकता है। फिलहाल, दौसा मेडिकल कॉलेज से प्रगति का अचानक गायब होना इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना रहा है।

2026 NEET पेपर लीक मामले में CBI की जांच तेज
2026 NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पेपर लीक की साजिश महीनों पहले ही रच ली गई थी। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपियों को दीपावली के समय ही यह भरोसा दिलाया गया था कि इस बार NEET का पेपर उपलब्ध करा दिया जाएगा। CBI ने इस मामले में जयपुर से चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मांगीलाल बिंवाल, दिनेश बिंवाल, हरियाणा निवासी यश यादव और मांगीलाल का बेटा विकास शामिल हैं।

सीकर बना पूरे नेटवर्क का केंद्र
जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का आधार राजस्थान का सीकर शहर था। आरोपी यश यादव और विकास सीकर के एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते थे। यहीं से दोनों के बीच सांठगांठ शुरू हुई और बाद में यह नेटवर्क बड़े स्तर तक फैल गया।

रिश्तेदार भी जांच एजेंसी के रडार पर
CBI की जांच अब केवल मुख्य आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन रिश्तेदारों तक भी पहुंच गई है जिन्होंने हाल के वर्षों में NEET परीक्षा पास कर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लिया है। सोनिया, आरोपी दिनेश बिंवाल की भतीजी है और फिलहाल मुंबई के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। वहीं पलक भी दिनेश बिंवाल की दूसरी भतीजी बताई जा रही है। प्रगति और विकास के एडमिशन की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन्हें पेपर लीक नेटवर्क की मदद तो नहीं मिली थी।

ये भी पढ़ें: राज्यसभा उम्मीदवारों पर भाजपा की बड़ी रणनीति! मदन राठौड़-भजनलाल शर्मा को मिला फ्री हैंड
विज्ञापन


फरार आरोपियों की तलाश जारी
दिनेश बिंवाल का बेटा ऋषि फिलहाल फरार बताया जा रहा है। इसके अलावा सीकर के राकेश मंडवरिया और जयपुर के एक अन्य आरोपी प्रजापत से भी सघन पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली पूछताछ में कई बड़े नामों और सफेदपोश लोगों का खुलासा हो सकता है। इस पूरे मामले ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें