दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए बस अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर विशेष अभियान चलाकर 38 स्थानों से अवैध अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। इसके साथ ही पुलिस ने सुपारी चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की और एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई के दौरान लालसोट, बांदीकुई और नांगल राजावतान सर्किल में तहसील प्रशासन तथा एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। कुछ स्थानों पर जेसीबी से आठ बड़े अतिक्रमण भी हटाए गए, जिनमें एक पक्का मकान शामिल था। प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को नोटिस देकर स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक कार्रवाई नहीं होने पर संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण ध्वस्त किए गए।
तहसीलदार राजेंद्र मीणा ने कहा कि हाईवे सीमा में अवैध निर्माण दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। लोगों की सुरक्षा और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है। भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा। एसपी पीयूष दीक्षित ने आमजन से राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात को सुचारू रखने और आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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पुलिस के अनुसार 23 जून 2026 को पलवल (हरियाणा) निवासी अख्तर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नागपुर से दिल्ली ले जाई जा रही सुपारी से भरा कंटेनर चालक दिलशाद अपने साथियों के साथ लेकर फरार हो गया था। जांच में सामने आया कि 19 जून को अमराबाद रेस्ट एरिया में सुपारी दूसरे वाहन में उतारकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। साइबर टीम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने पहले शाबीर खान और ताजर को गिरफ्तार किया था। अब चोरी की शेष सुपारी बरामद करते हुए खरीददार अमन को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी दिलशाद सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।