राजस्थान में गोतस्कर अब सरकार और पुलिस की सीधी चुनौती बन गए हैं, जिसके चलते लगातार नए-नए गोतस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। गोतस्करी अब बड़े स्तर पर हो रही है। कभी लग्जरी कार में तो कभी बड़े कंटेनर ट्रक में बड़ी तादाद में गोवंशों को भरकर ले जाने का काम जोरों पर है। ताजा मामला दोष का है, जहां गोवंश से भरे कंटेनर को पुलिस ने आजाद करवाया।
दौसा जिले में लगातार गोतस्करी बढ़ती जा रही है। गोतस्करों द्वारा गोवंश को ट्रक में ठूंस-ठूंस कर तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। दौसा परिवहन विभाग ने मंगलवार देर रात नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक को रुकवाया। रुकने पर ट्रक में सवार चालक अन्य सहयोगी सहित फरार हो गए। ट्रक की तलाशी ली तो उसमें गोवंश मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस को सूचना देकर ट्रक को सुपूर्द किया गया। कोतवाली थाना पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर दौसा के पिंजरापोल गोशाला में ले गए। जहां पर ट्रक में से करीब दो दर्जन से अधिक गोवंश को नीचे उतारा गया, जिसमें अधिकतर गोवंश को हाथ और पैर बांधकर ठूंस-ठूंस कर ट्रक में भर गया था।
मौके पर चिकित्सकों की टीम बुलाकर उनका इलाज कराया जा रहा है। ड्यूटी ऑफिसर बाबूलाल जाट ने बताया, परिवहन विभाग की सूचना पर कलेक्ट्री चौराहे के पास मय जाब्ता पहुंचे। जहां पर गोवंश से भरे ट्रक को कब्जे में लेकर पिंजरापोल गोशाला में खाली कराया गया, जिसे कई गायों की हालत गंभीर है, जिनका चिकित्सकों की टीम बुलाकर इलाज कराया जा रहा है और ट्रक में कई और भी नंबर प्लेट मिली है, जिसकी जांच की जारी है।
पांच दिन पहले कोतवाली थाना एरिया से एक लग्जरी कार में से एक गोवंश बरामद हुई, जिसकी बीते दिन मौत हो गई थी। गोतस्करी के दौरान सबसे बड़ी और देखने वाली बात यह सामने आती है कि आखिर क्यों नहीं इन तस्करों पर सरकार कोई शिकंजा कसती है। ऐसे नियम बनाए कि उनकी जमानत होना भी मुश्किल हो जाए। अगर ऐसा हो तो आने वाले समय में गोतस्कर कहीं नजर नहीं आएंगे और इन तस्करों को बचाने वाले उनके आका भी मैदान छोड़ खड़े होंगे।