दौसा जिले के रहने वाले जितेंद्र राजपूत बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के नॉर्थ कैंप में अभ्यास के दौरान बम फटने से शहीद हो गए। इस दर्दनाक घटना में दौसा के सैनिक जितेंद्र सहित एक और सैनिक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल भी बताया जा रहा है।
महवा थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया, जितेंद्र राजपूत पावटा गांव के गाजीपुर के रहने वाले थे। 16 सितंबर 2005 को सेवा में भर्ती हुए थे। जितेंद्र सिंह जम्मू-कश्मीर आर्मी में तैनात थे। सूरतगढ़ (बीकानेर) में युद्ध अभ्यास के दौरान बारूद भरते समय बम फटने की वजह से उनकी मौत हो गई।
उधर, जितेंद्र सिंह की मौत की सूचना के बाद उनके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। जितेंद्र सिंह के घर में उनके परिवारजनों सहित पत्नी और दो बच्चे हैं, जिनमें एक 14 साल का बेटा और एक 10 साल की बेटी शामिल है, जो पढ़ते हैं। जितेंद्र सिंह 38 साल के थे और 19 साल की उम्र में वह देश सेवा का जज्बा लेकर सेना में भर्ती हुए थे।
महुआ थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि जितेंद्र सिंह राजपूत का शव गुरुवार दोपहर 12 बजे के आसपास उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। इसके बाद उनकी सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी।